चित्तौड़गढ़। उदयपुर पुलिस महानिरीक्षक गौरव श्रीवास्तव ने रेंज के सभी पुलिस अधीक्षकगण की उपस्थिति में पोक्सो अधिनियम जागरूकता विषयक पोस्टर का विमोचन किया। सुरक्षित बचपन-उज्ज्वल भविष्य-सशक्त समाज विषय इस पोस्टर का विमोचन करते हुए आईजी श्रीवास्तव ने कहा कि सशक्त समाज के लिए बालकों का उचित संरक्षण हम सभी की नैतिक जिम्मेदारी है। उन्होेंने कहा कि बालकों को यौन शोषण से बचाने के लिए लैंगिक अपराधों से बालकों को संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम की जानकारी आमजन तक पहुंचाने जिससें बालकों को सुरक्षित वातावरण मिल सके। इस अवसर पर उदयपुर पुलिस अधीक्षक योगेश गोयल, राजसमंद पुलिस अधीक्षक डॉ. ममता गुप्ता, चित्तौड़गढ़ पुलिस अधीक्षक मनीष त्रिपाठी, बांसवाड़ा पुलिस अधीक्षक सुधीर जोशी, डूंगरपुर पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार, सलूंबर पुलिस अधीक्षक राजेश यादव और प्रतापगढ़ पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य, कार्यक्रम के नोडल अधिकारी एएसपी हर्ष रतनू और यूनिसेफ की बाल संरक्षण सलाहकार सिंधु बिनुजीत उपस्थित रही।
सिंधु बिनुजीत ने बताया कि इस पोस्टर बालकों को यौन शोषण से बचाने के लिए पोक्सो कानून की जानकारी दी और संदेश दिया है कि हर बच्चे को सुरक्षित और सम्मानजनक बचपन का अधिकार हैं। पोक्सो अधिनियम 2012 बच्चों को यौन अपराधों से कानूनी सुरक्षा प्रदान करता है। बच्चों के साथ संदिग्ध गतिविधि या यौन अपराध की सूचना तुरन्त पुलिस को 112/1098 चाइल्ड लाइन पर देंगे। इसके साथ ही बाल सरक्षण के प्रति हर वर्ग को अपनी भूमिका का निर्वहन करते हुए आह्वान किया है कि बच्चों के साथ किसी भी प्रकार की हिंसा, छेड़छाड़ या शोषण की सूचना देना विधिक बाध्यता है। ऐसी घटनाओं की सूचना तुरन्त पुलिस को दें। पीड़ित बच्चे की पहचान गोपनीय रखना हमारी कानूनी व नैतिक ज़िम्मेदारी है। बाल यौन शोषण अपराध है, इसे छिपाना नहीं-रोकना ज़रूरी है। विद्यालय, परिवार और समाज-सभी को बच्चो की सुरक्षा में भागीदार बनना होगा।