नीमच। मुख्य वनसंरक्षक उज्जैन एम.आर. बघेल, वनमंडलाधिकारी नीमच एस.के. अटोदे एवं उपवनमंडलाधिकारी नीमच दशरथ अखण्ड के मार्गदर्शन में वन विभाग द्वारा बुधवार को वनपरिक्षेत्र जावद की बीट किरता के कक्ष क्रमांक 105 में अवैध अतिक्रमण पर प्रभावी कार्यवाही की गई।
कार्यवाही के दौरान दो अलग-अलग स्थानों पर क्रमशः 3 हेक्टेयर एवं 2.5 हेक्टेयर, कुल 5.5 हेक्टेयर वन भूमि पर किए जा रहे अतिक्रमण के प्रयास को वन अमले ने विफल कर दिया। टीम ने तत्काल प्रभाव से अतिक्रमण मुक्त कर भूमि को पुनः वन विभाग के कब्जे में लिया। भूमि को संरक्षित रखने के लिए मौके पर अतिक्रमणरोधी संरचनाएं कन्टूर ट्रेन्च, डबरा-डबरी निर्मित की गईं तथा क्षेत्र में बीज बुआई कर पुनर्वनीकरण की प्रक्रिया प्रारंभ की गई। इस कार्यवाही से वन एवं वन संपदा की सुरक्षा के प्रति वन विभाग की सख्त प्रतिबद्धता का संदेश आमजन में गया है।
इस अभियान में वन विभाग से डिप्टी रेंजर बगदीराम गणावा, वनरक्षक राजेश गुर्जर, लाखनसिंह सोलंकी, पुष्पेंद्रसिंह चौहान, सुरेंद्रसिंह परिहार, अब्दुल वसीम कुरैशी, जुल्फकार मंसूरी सहित सुरक्षा श्रमिकों ने सक्रिय सहयोग प्रदान किया। अतिक्रमण बेदखली की पूरी प्रक्रिया शांति एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई, तथा किसी भी प्रकार की विवाद या अप्रिय घटना की स्थिति नहीं बनी। वन विभाग की इस तत्पर कार्रवाई ने स्पष्ट कर दिया है कि वन भूमि पर किसी भी प्रकार के अवैध कब्जे या अतिक्रमण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।