नीमच। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी श्री अंकित जैन ने गौवंश तस्करी के मामले में मुजफ्फर पिता खलील खां (42) और सरफराज पिता युनुस खान (27) निवासी गाड़ीखाना, तहसील जावरा, जिला रतलाम को दोषी पाते हुए धारा 6/9 मध्यप्रदेश गौवंश अधिनियम, 2004 के तहत 6-6 माह का सश्रम कारावास और 5000-5000 रुपए अर्थदंड, धारा 11डी पशुक्रुरता निवारण अधिनियम, 1960 के तहत 50-50 रुपए, तथा मोटर वाहन अधिनियम के तहत 1500 रुपए अर्थदंड से दंडित किया।
घटना लगभग 8 वर्ष पूर्व 11 अक्टूबर 2017 को महू-नीमच हाईवे स्थित जैतपुरा फंटा पर हुई थी। पुलिस थाना नीमच सिटी में पदस्थ उपनिरीक्षक आई. के. तिवारी को मुखबीर सूचना मिली कि टाटा 407 वाहन में गौवंश तस्करी की जा रही है। वाहन का पिछला हिस्सा त्रिपाल से ढका हुआ था, जिसे खोलने पर उसमें 8 कैड़े़ क्रूरतापूर्वक भरे हुए थे, जिनके लिए हवा, पानी और चारें की कोई व्यवस्था नहीं थी।
पुछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे कैड़ों को राजस्थान से लाकर धुलिया (महाराष्ट्र) में वध हेतु ले जा रहे थे। मौके से आरोपी और वाहन जप्त कर अपराध पंजीबद्ध किया गया और आवश्यक अनुसंधान के बाद अभियोग-पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
विचारण के दौरान जप्तीकर्ता, विवेचक और पंचसाक्षियों के बयान लेकर अपराध को संदेह से परे साबित किया गया। न्यायालय ने आरोपी को कठोर दंडित किया। इस प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी पारस मित्तल, एडीपीओ द्वारा की गई।