नीमच। महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया के प्रयासों से मध्यप्रदेश ने पोषण ट्रैकर ऐप में आधार फेस मैपिंग के माध्यम से लाभार्थियों का सत्यापन करने में देश में पहला स्थान प्राप्त किया है। इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के पीछे मंत्री भूरिया का लगातार मॉनिटरिंग और विभागीय अमले को प्रेरित करना रहा।
भारत सरकार द्वारा पोषण आहार वितरण प्रणाली में पारदर्शिता, सुगमता और दक्षता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पोषण ट्रैकर ऐप में आधार फेस मैपिंग व्यवस्था लागू की गई है। इसके तहत लाभार्थियों का चेहरा पहचान कर उनका सत्यापन किया जाता है, जिससे वितरण में किसी भी प्रकार की चूक की संभावना समाप्त होती है।
नीमच जिला अव्वल-
मंत्री निर्मला भूरिया के प्रभार वाले नीमच जिले ने एफआरएस प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन में मप्र में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। जिला कार्यक्रम अधिकारी अंकिता पंड्या के नेतृत्व में जिले में कुल 34,780 हितग्राहियों में से 34,759 (99.94 प्रतिशत) का एफआरएस एवं आधार फेस मैपिंग कार्य पूर्ण किया गया। तकनीकी कारणों और आधार त्रुटियों के कारण मात्र 21 हितग्राही शेष रहे।
नीमच जिले में एफआरएस कार्य के लिए सूक्ष्म कार्ययोजना बनाई गई, जिला स्तर पर पाक्षिक कार्यशाला एवं प्रशिक्षण आयोजित किए गए। ब्लॉक समन्वयकों के माध्यम से आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को घर-घर जाकर हितग्राहियों के आधार अपडेट करवाए गए और मोबाइल नंबर लिंकिंग कर साप्ताहिक गूगल मीट के जरिए लंबित कार्यों की निगरानी की गई।
इस उपलब्धि के सम्मान में जिला कार्यक्रम अधिकारी अंकिता पंड्या, परियोजना अधिकारी कविता चौहान, प्रभारी परियोजना अधिकारी आभा पाटीदार, प्रभारी परियोजना अधिकारी संजय मसानिया तथा सेक्टर पर्यवेक्षक रेखा जौहरिया, सीमा सोलंकी और सरिता चौहान को भोपाल में प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। यह उपलब्धि नीमच जिले में हितग्राहियों के हित और पोषण कार्यक्रम की गुणवत्ता सुनिश्चित करने में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।