नीमच। प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुरूप दुग्ध उत्पादन बढ़ाकर आत्मनिर्भर बनने के उद्देश्य से प्रदेश में संचालित “दूध समृद्धि अभियान” नीमच जिले में भी सफलतापूर्वक लागू हो रहा है। जिला कलेक्टर हिमांशु चंद्रा के मार्गदर्शन में जिले में दुग्ध उत्पादन को बढ़ाने के विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।
तहसील जावद के ग्राम हनुमंतिया की पशुपालक लक्ष्मी बाई, पति राजेंद्र धाकड़ ने उन्नत नस्ल के पशुओं का पालन करके प्रतिदिन लगभग 80 लीटर दूध का उत्पादन कर इसे कांच की बोतलों में पैक करके जावद नगर में विक्रय किया। इससे उन्हें प्रतिमाह लगभग 1.20 लाख रूपये की आमदनी हो रही है। लक्ष्मी बाई की यह उपलब्धि स्थानीय महिलाओं और पशुपालकों के लिए प्रेरणास्रोत बनी है।
इसी प्रकार ग्राम बरखेड़ा कामलिया के पशुपालक राकेश, पिता चिरजीवी अहीर, प्रतिदिन 160 लीटर दूध का उत्पादन कर कृषि के साथ अतिरिक्त आय अर्जित कर आत्मनिर्भर बन चुके हैं। उनके प्रयास से यह स्पष्ट हो गया है कि आधुनिक पशुपालन और उन्नत तकनीकों के माध्यम से ग्रामीणों की आय में वृद्धि संभव है।
एसडीएम जावद प्रीति संघवी ने शुक्रवार को दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान के तहत ग्राम बरखेड़ा कामलिया एवं हनुमंतिया में पशुपालकों से मुलाकात कर उनकी गतिविधियों का निरीक्षण किया। उन्होंने पशुपालकों को नस्ल सुधार, दुग्ध उत्पादन बढ़ाने, पशुओं को संतुलित आहार प्रदान करने और पशुओं के स्वास्थ्य की उचित देखभाल करने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन दिया।
दूध समृद्धि अभियान के माध्यम से जिले के पशुपालक न केवल आत्मनिर्भर बन रहे हैं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। यह पहल प्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने और ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम साबित हो रही है।