कुकड़ेश्वर। नगर और आसपास के क्षेत्रों के किसानों ने पत्रकारों को बताया कि मध्यप्रदेश के मुखिया मोहन यादव द्वारा 3 अक्टूबर को अतिवृष्टि और पीला मोज़ेक से सोयाबीन सहित अन्य फसलों को हुए नुकसान की राहत राशि सिंगल क्लिक के माध्यम से जिलेवार सभी किसानों के खातों में डालने की घोषणा की गई थी। किसानों का कहना है कि उन्होंने पटवारी के माध्यम से खाता, खसरा की नकल, बैंक पासबुक और आधार कार्ड की फोटो कॉपी जमा कर दी, लेकिन अब तक उनकी खातों में राहत राशि नहीं आई है।
किसान सुरेश सालवी, राधेश्याम रावत, मथुरा लाल मालवीय, गजेंद्र सिंह बना, आसाराम, लाल सिंह, प्रताप सिंह ठाकुर (झाला), नारायणसिंह, गणपत लाल, भेरूलाल, उदय लाल, घीसालाल रावत और प्रकाश मालवीय ने कहा कि एक तरफ मौसम की मार से किसान पहले ही परेशान हैं और दूसरी ओर अगली फसल की बुवाई करनी है। इसके अलावा दिवाली का त्योहार भी आ गया है, लेकिन अभी तक राहत राशि नहीं मिली। किसान यह जानना चाहते हैं कि आखिर जिला स्तर के अधिकारियों द्वारा इतनी देरी क्यों हो रही है।
इस संबंध में जब एसडीएम किरण आंजना, मनासा से संपर्क किया गया, तो उन्होंने बताया कि किसानों के बिल तैयार किए जा रहे हैं और जल्द ही राशि उनके खातों में आ जाएगी।
इसी प्रकार तहसीलदार नवीन सनोत्रे, कुकड़ेश्वर ने कहा कि मनासा तहसील में लगभग 100 से 110 गांव होने के कारण सभी किसानों की लिस्ट तैयार होने में समय लग रहा है। सभी अकाउंट नंबर और IFSC कोड की जांच के बाद सूची बनाई जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि दिवाली से पहले राहत राशि किसानों के खातों में पहुंच जाएगी।