नीमच। सिंगोली तहसील के ग्राम बाणदा निवासी भील समाज के पांच आदिवासी किसानों ने वन विभाग के कर्मचारियों पर अपनी पुश्तैनी कृषि भूमि को जबरन कब्जा कर पौधारोपण करने का गंभीर आरोप लगाया है। किसानों ने कलेक्टर को एक संयुक्त आवेदन देकर कानूनी कार्रवाई और कब्जा वापसी की मांग की है।
आवेदन में किसान कजोड, माधु, चेनराम, गेंदमल और सोहनलाल ने बताया कि उनके दादाजी तेजा के नाम से जारी पट्टे पर उनकी पीढ़ी-दर-पीढ़ी जमीन का कब्जा रहा है। उन्होंने राजस्व विभाग के खसरा खाता नकल और सर्वे नंबरों का हवाला दिया।
किसानों का आरोप है कि उन्होंने भूमि को समतल कर पत्थर की बाउंड्री बनाई, लेकिन वन विभाग ने इसे अवैधानिक रूप से हटा दिया और अब उनकी जमीन पर जोर-जबरन पौधारोपण किया जा रहा है। विरोध करने पर, किसानों का कहना है कि कर्मचारी उन्हें धमकाकर झूठे मामले में फंसाने की चेतावनी दे रहे हैं।
किसानों ने कलेक्टर से अपील की है कि वन विभाग के कर्मचारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए और उनकी कृषि भूमि का कब्जा नियमानुसार वापस दिलाया जाए।