चित्तौड़गढ़। बेगूं थाना पुलिस ने कस्बे में वृद्ध महिला के साथ हुई लूट की वारदात का त्वरित खुलासा करते हुए महज आठ घंटे में आरोपी को गिरफ्तार कर लूटी गई सोने की चेन बरामद कर ली है। आरोपी ने घर में पुताई करने के बहाने प्रवेश कर वारदात को अंजाम दिया था।
जिला पुलिस अधीक्षक मनीष त्रिपाठी ने बताया कि 14 अक्टूबर को दोपहर लगभग 12.30 बजे बेगूं के पगारिया मोहल्ले में वृद्धा गणेश देवी पत्नी अमर सिंह लोढ़ा घर के अंदर बने बाथरूम में कपड़े धो रही थीं। इसी दौरान एक अज्ञात व्यक्ति मुंह पर कपड़ा बांधकर और काले कपड़े पहनकर घर में घुस आया। उसने पुताई का काम पूछने का बहाना बनाया और अचानक वृद्धा के गले से सोने की चेन झपटकर फरार हो गया।
महिला की रिपोर्ट पर थाना बेगूं में मुकदमा दर्ज कर जांच एएसआई सुरेंद्र सिंह को सौंपी गई। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर, एएसपी रावतभाटा भगवतसिंह हिगड़ एवं डीएसपी बेगूं अंजलि सिंह के मार्गदर्शन में थानाधिकारी शिवलाल मीणा के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई।
टीम में कान्स्टेबल अरुण, विनोद और मनोहर शामिल रहे। एफएसएल एवं एमओबी टीम से स्थल निरीक्षण कराया गया तथा आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। फुटेज में संदिग्ध व्यक्ति की पहचान कर मुखबिरों को सूचना दी गई। मुखबिर की मदद से पुलिस ने 25 वर्षीय आरोपी रोहित सैन पुत्र श्यामलाल सैन निवासी मंडावरी, हाल अन्नपूर्णा मंदिर के पास बेगूं को डिटेन कर पूछताछ की।
कड़ी पूछताछ में आरोपी ने अपराध स्वीकार किया। उसकी निशानदेही पर लूटी गई सोने की चेन उसके घर से बरामद की गई।
वारदात का तरीका-
आरोपी स्मैक और शराब का आदी है। नशे की पूर्ति के लिए वह अकेली महिलाओं की रेकी कर दिन के समय लूट की वारदातें करता था। वारदात के दौरान उसने काले कपड़े पहने थे, पर पुलिस को गुमराह करने के लिए बाद में सफेद कपड़े पहनकर शहर में सीसीटीवी कैमरों के सामने जानबूझकर घूमता रहा। पूछताछ में पुलिस की सख्ती के बाद आरोपी टूट गया और अपराध कबूल कर लिया।
आरोपी का आपराधिक इतिहास-
गिरफ्तार आरोपी पूर्व में नाबालिग के अपहरण, बलात्कार और छेड़छाड़ के मामलों में दो बार जेल जा चुका है। इनमें से एक पॉक्सो मामले में उसे 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा हुई थी, जिसमें वह चित्तौड़गढ़ और उदयपुर जेल में बंद रहा। आरोपी फरवरी 2025 में जेल से रिहा हुआ था। दूसरा मामला अभी न्यायालय में विचाराधीन है।
थाना बेगूं की इस त्वरित कार्रवाई में कान्स्टेबल अरुण और विनोद का विशेष योगदान रहा। आरोपी को न्यायालय में पेश कर पीसी रिमांड पर लिया गया है, जिससे पूछताछ जारी है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ में अन्य चोरी और लूट की वारदातों का खुलासा भी संभव है।