उज्जैन। नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत 15 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के असाक्षरों को बुनियादी साक्षरता प्रदान करने के उद्देश्य से आयोजित परीक्षा में उज्जैन जिले ने एक बार फिर प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है।
20 सितंबर 2025 को आयोजित बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मकता मूल्यांकन परीक्षा में जिले ने 90,010 के लक्ष्य के विरुद्ध 91,116 असाक्षरों को परीक्षा में शामिल कर उल्लेखनीय सफलता हासिल की। यह उपलब्धि उज्जैन को लगातार तीसरी बार प्रदेश में प्रथम स्थान पर ले आई।
राज्य शिक्षा केंद्र भोपाल द्वारा प्रथम स्थान प्राप्त करने पर उज्जैन जिले को प्रशस्ति पत्र और शील्ड प्रदान की गई। इस अवसर पर कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने जिला परियोजना समन्वयक/जिला प्रौढ़ शिक्षा अधिकारी अशोक त्रिपाठी, जिला साक्षरता अधिकारी संजय शर्मा और उनकी पूरी टीम को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
कलेक्टर सिंह ने कहा कि जिले की इस उपलब्धि पर सभी टीम सदस्य बधाई के पात्र हैं और वर्ष 2027 तक संपूर्ण उज्जैन जिले को साक्षर बनाने की कार्ययोजना तैयार की जानी चाहिए।
गौरतलब है कि वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार उज्जैन जिले में लगभग 5 लाख 11 हजार निरक्षर थे, जिनमें से अब तक 3 लाख 9 हजार असाक्षर मूल्यांकन परीक्षा के माध्यम से नवसाक्षर बनाए जा चुके हैं।
राज्य शिक्षा केंद्र भोपाल में 15 अक्टूबर को आयोजित समीक्षा बैठक में संचालक हरजिंदर सिंह ने उज्जैन जिले की इस उपलब्धि पर कलेक्टर और परियोजना समन्वयक को सम्मान पत्र एवं शील्ड प्रदान की। शुक्रवार को जिला परियोजना समन्वयक अशोक त्रिपाठी और संजय शर्मा ने कलेक्टर सिंह से भेंट कर सम्मान पत्र उन्हें समर्पित किया।