नीमच। गृह मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशानुसार ग्रुप केन्द्र, केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), नीमच में दिनांक 13 से 17 अक्टूबर 2025 तक ‘सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) जागरूकता सप्ताह’ का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर संयुक्त अस्पताल, सीआरपीएफ नीमच के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (ओजी) डॉ. संजय कुमार भोंडले एवं उनकी टीम ने ग्रुप केन्द्र के कार्मिकों एवं उनके पारिवारिक सदस्यों को सीपीआर के महत्व और तकनीक की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सीपीआर एक जीवनरक्षक प्रक्रिया है, जो दिल का दौरा पड़ने या हृदयगति रुकने जैसी आपात स्थिति में किसी व्यक्ति की जान बचा सकती है। डॉ. भोंडले ने बताया कि ऐसे समय पर क्या करना चाहिए और किन बातों से बचना चाहिए, इसकी जानकारी हर व्यक्ति को होना आवश्यक है।
सीपीआर जागरूकता सप्ताह-2025 का मुख्य उद्देश्य आमजन में कार्डियो-पल्मोनरी रिससिटेशन (सीपीआर) के प्रति जागरूकता बढ़ाना, इसे करने की तकनीक सिखाना और आपात स्थिति में तुरंत प्रतिक्रिया देने की क्षमता विकसित करना है। इस पहल के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को सीपीआर प्रशिक्षण देकर जीवन बचाने की संभावनाओं को बढ़ावा दिया जा सकता है।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित अधिकारियों, जवानों एवं परिवारजनों को वरिष्ठ अधिकारी द्वारा सीपीआर और जीवनरक्षक तकनीकों के प्रति जागरूक रहने की शपथ दिलाई गई। इस अवसर पर कमांडेंट प्रमोद कुमार साहू, उप कमांडेंट देवेंद्र सिंह नेगी, अन्य राजपत्रित अधिकारीगण, अधीनस्थ अधिकारी, जवान एवं परिवारजन उपस्थित रहे।