शाजापुर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर मध्यप्रदेश, विशेषकर पश्चिम मध्यप्रदेश में किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले कृष्णमृग और रोजड़ों की समस्या के समाधान हेतु एक अनूठा अभियान शुरू किया गया है। दक्षिण अफ्रीका की कंजर्वेशन सॉल्यूशंस टीम और वन विभाग के संयुक्त प्रयास से ग्राम इमलीखेड़ा (जिला शाजापुर) में सोमवार को हेलीकॉप्टर और बोमा पद्धति से कृष्णमृगों को पकड़ने की कार्यवाही प्रारंभ की गई।
अभियान के पहले ही दिन, हेलीकॉप्टर की पहली उड़ान में 45 कृष्णमृगों को सफलतापूर्वक पकड़ा गया। इससे क्षेत्र के किसानों में भारी उत्साह है और उन्होंने इस दिन को “दीवाली जैसा” बताया।
यह देश का पहला ऐसा अभियान है, जिसमें दक्षिण अफ्रीकी तकनीक की सहायता से खेतों से कृष्णमृगों को सुरक्षित पकड़कर जंगलों में छोड़ा जाएगा। इससे फसलों को होने वाले नुकसान में उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है। यह अभियान अगले 15 दिनों तक शाजापुर जिले में जारी रहेगा।
अभियान की शुरुआत विधायक कालापीपल घनश्याम चंद्रवंशी, अपर मुख्य सचिव वन अशोक बर्नवाल, पीसीसीएफ एवं मुख्य वन्यजीव अभिरक्षक शुभरंजन सेन, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) एल. कृष्णमूर्ति, मुख्य वन संरक्षक एम. आर. बघेल तथा कलेक्टर शाजापुर ऋजु बाफना की उपस्थिति में की गई। सभी अधिकारी पूरे अभियान के दौरान इमलीखेड़ा में रहकर इसकी निगरानी कर रहे हैं।