शाजापुर। प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार मध्यप्रदेश, विशेषकर पश्चिम मध्य क्षेत्र में किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले कृष्णमृगों और रोजड़ों की समस्या के समाधान के लिए वन विभाग द्वारा विशेष अभियान प्रारंभ किया गया है। इस अभियान में दक्षिण अफ्रीका की कंजर्वेशन सॉल्यूशंस टीम और वन विभाग की टीम द्वारा हेलीकॉप्टर एवं बोमा पद्धति से कृष्णमृगों को पकड़ने का कार्य किया जा रहा है।
आज शाजापुर जिले के कालापीपल तहसील के ग्राम इमलीखेड़ा से 34 कृष्णमृगों को सुरक्षित पकड़कर गांधीसागर वन्यजीव अभयारण्य के जंगल में छोड़ा गया। इस पहल से किसानों को फसलों को होने वाले नुकसान में कमी आने की उम्मीद है। यह देश का पहला ऐसा अभियान है, जिसमें इस तकनीक का उपयोग किया जा रहा है।
अभियान 5 नवंबर 2025 तक शाजापुर जिले में जारी रहेगा। इस दौरान मुख्य वन संरक्षक उज्जैन एमआर बघेल ने बोमा क्षेत्र में उपस्थित रहकर कृष्णमृगों को पकड़ने की कार्रवाई की निगरानी एवं पर्यवेक्षण किया।