नीमच। शहीदे-ए-आजम अशफ़ाक उल्ला खां की जयंती के अवसर पर बुधवार शाम 6 बजे इकरा पब्लिक स्कूल मदरसा में एक श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें समाज के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में यूनुस उर्फ छुट्टन खान और शाहिद खान (शिक्षक, इकरा पब्लिक स्कूल) ने अशफ़ाक उल्ला खां के जीवन पर विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को शहीद अशफ़ाक उल्ला खां की शहादत से प्रेरणा लेकर देशसेवा, एकता और त्याग के मूल्यों को अपने जीवन में अपनाना चाहिए।
उन्होंने बताया कि किशोरावस्था से ही अशफ़ाक उल्ला खां देश में चल रहे आंदोलनों और क्रांतिकारी परिवर्तनों से प्रभावित हुए थे। वे क्रांतिकारी रामप्रसाद बिस्मिल से मिलने और उनके साथ जुड़ने की तीव्र इच्छा रखते थे, जो आगे चलकर पूर्ण हुई और दोनों ने मिलकर आजादी की लड़ाई में अमिट योगदान दिया।
इस अवसर पर हाजी इदरीश खान, हाजी हामिद खान और बाबू खान ने भी विचार व्यक्त करते हुए कहा कि अशफ़ाक उल्ला खां हमेशा से युवाओं के प्रेरणास्रोत रहे हैं। वे हिंदू-मुस्लिम एकता के प्रतीक थे और आज भी देशभक्ति तथा भाईचारे की मिसाल बने हुए हैं।
कार्यक्रम में आलम खान, मुन्ना भाई, बाबू भाई ठेकेदार, शानू खान सहित अनेक लोग उपस्थित रहे। संचालन मोहम्मद हाशिम खान ने किया, जबकि अंत में आभार प्रदर्शन सदर याकूब खान ने किया। इस दौरान जिला शेख सैयद पठान कमेटी के पदाधिकारी भी मौजूद रहे।