नीमच। ग्वालटोली क्षेत्र में शुक्रवार रात हुए विवाद और तोड़फोड़ की गंभीर घटना के विरोध में शनिवार को यादव समाज के लोग बड़ी संख्या में जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे। समाज प्रतिनिधियों ने एसपी के नाम सीएसपी को ज्ञापन सौंपते हुए आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई, अवैध निर्माण हटाने तथा पीड़ित परिवारों को आर्थिक मुआवज़ा दिलाने की मांग की।

13 और 14 नवंबर की घटनाएँ
ज्ञापन में बताया गया कि 13 नवंबर की रात ग्वालटोली निवासी हिम्मत सिंह (मोंटू) यादव पर बुन्दा पिता लक्ष्मण, कौशल पिता लक्ष्मण तथा उनके साथियों ने हमला कर गंभीर चोटें पहुंचाईं। घटना के अगले दिन 14 नवंबर दोपहर करीब 3 बजे किशोर खलीफा सहित 20 से अधिक लोग यादव समाज के रहवासी क्षेत्र में घुस आए और मारपीट, तोड़फोड़ एवं उपद्रव किया।

समाज की ओर से आरोप है कि उपद्रवियों ने घरों के दरवाजे और खिड़कियों के कांच तोड़े, दोपहिया वाहनों को नुकसान पहुंचाया, महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों पर हमला किया, जातिगत अपशब्द कहे, हथियार लहराए, जिससे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया।

कैंट थाने में मामला दर्ज-
पूरा प्रकरण कैंट थाने में अपराध क्रमांक 0543/2025 के तहत दर्ज किया गया है। इसमें 8 लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज हुई है। समाज का कहना है कि आरोपी पक्ष पीड़ित परिवारों को लगातार धमकियाँ दे रहा है। शुक्रवार शाम भी आरोपी गली में झुंड बनाकर घूमते नजर आए, जिससे भय और बढ़ गया।

सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश’- समाज का आरोप
समाज ने आरोप लगाया कि वर्षों से शांतिपूर्वक रह रहे यादव (जाटव) और ग्वाला समुदाय के बीच जानबूझकर तनाव फैलाने की कोशिश की जा रही है। किशोर खलिफा के संरक्षण में उपद्रव हुआ, ऐसी बात भी ज्ञापन में दर्ज की गई।

समाज की प्रमुख मांगें-
ज्ञापन में नामजद आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी हो, अवैध कब्जे एवं निर्माण हटाए जाएँ, न्यायालय में आरोपियों की जमानत पर पुलिस द्वारा कड़ा विरोध किया जाए, पीड़ित परिवारों को सरकारी आर्थिक मुआवज़ा दिया जाए, वीडियो फुटेज के आधार पर अन्य आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई की जाए, यदि किसी निर्दाेष का नाम शामिल हुआ हो तो जांच कर हटाया जाए सहित अन्य मांगों को रखा।

ज्ञापन सौंपते समय बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित-
ज्ञापन सौंपने के दौरान यादव महासभा के पदाधिकारी और समाजजन बड़ी संख्या में मौजूद रहे। समाज ने स्पष्ट किया कि जब तक पीड़ित परिवारों को न्याय नहीं मिलता, तब तक विरोध और ज्ञापन की प्रक्रिया जारी रहेगी। ज्ञापन की प्रतियां मुख्यमंत्री कार्यालय, डीजीपी, आईजी उज्जैन रेंज, कलेक्टर, एसडीएम सहित अन्य अधिकारियों को भी भेजी गई हैं।
