सिंगोली। कस्बे में खून, पेशाब सहित विभिन्न जांचों के लिए संचालित निजी लैब्स के अवैध संचालन की शिकायतों के बाद शुक्रवार दोपहर करीब 3 बजे डिप्टी कलेक्टर पराग जैन सिंगोली पहुंचे और लैब्स का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कस्बे में संचालित बताई जा रही पाँच लैब्स में से चार लैब्स बंद पाई गईं। इससे आशंका जताई जा रही है कि ये लैब्स अवैध रूप से संचालित हो सकती हैं।
इस संबंध में सिंगोली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ चिकित्सक डॉ. ईतेश व्यास ने बताया कि इससे पूर्व भी प्रभारी ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर द्वारा जांच की गई थी, उस समय भी संबंधित लैब्स बंद मिली थीं। उन्होंने बताया कि सभी लैब संचालकों को तलब कर पंजीयन से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए जा रहे हैं। यदि कोई संचालक आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाया तो उसके विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि पिछले कुछ महीनों से प्रशासन द्वारा लैब संचालकों पर पंजीयन कराने अथवा जिला मुख्यालय पर संचालित किसी पंजीकृत लैब से अटैच होकर केवल सैंपल कलेक्शन का कार्य करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। इसके बावजूद जिले में कई लैब्स न तो पंजीयन करा रही हैं और न ही किसी पंजीकृत लैब से संबद्ध होकर कार्य कर रही हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब भी अधिकारी निरीक्षण के लिए पहुंचते हैं, तब संबंधित लैब्स बंद कर दी जाती हैं, जिससे इनके अवैध संचालन की आशंका और अधिक गहरी हो जाती है। प्रशासन द्वारा अब इन लैब्स के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।