देवास। महाराष्ट्र के नंदुरबार जिले के सारंगखेड़ा में 11 दिसंबर को आयोजित परंपरागत घोड़ा मेले में देवास के घोड़े ‘दबंग’ ने भारत के विभिन्न प्रांतों से आए करीब चार हजार घोड़ों को पीछे छोड़ते हुए खूबसूरती में प्रथम स्थान हासिल किया। इस जीत के साथ ‘दबंग’ ने राजस्थान और पंजाब की वर्षों पुरानी मोनोपॉली को तोड़ते हुए मध्यप्रदेश का नाम रोशन किया।
घोड़े के मालिक ठाकुर प्रदीप सिंह बोरखेड़ा ने बताया कि घोड़े पालने का शौक उन्हें विरासत में मिला है। रिटायरमेंट के बाद उन्होंने इसे अपना उद्देश्य बना लिया और अब ब्रीडिंग पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। ‘दबंग’ की देखरेख मौसम के अनुसार की जाती है। उसकी डाइट में घी, दूध, बाजरा, ज्वार और चापड़ शामिल हैं।
प्रतियोगिता से पहले करीब छह माह तक विशेष तैयारी की गई, जिसमें फिजिक, चाल और संपूर्ण प्रस्तुति पर ध्यान दिया गया। ‘दबंग’ की अनुमानित कीमत करीब एक करोड़ रुपये बताई जा रही है, जबकि इसके रखरखाव में पच्चीस हज़ार रुपये प्रतिमाह खर्च होते हैं।
उन्होंने कहा कि जब भी ऐसी प्रतियोगिताएं होंगी, वे आगे भी भाग लेंगे। जीतकर लौटने की खुशी शब्दों में बयां नहीं की जा सकती। सारंगखेडा में साढ़े चार दशक से अधिक समय से लगने वाले इस परंपरागत मेले में देशभर से बेहतरीन नस्ल के घोड़े बिक्री और शो के लिए आते हैं। ऐसे प्रतिष्ठित मंच पर देवास के ‘दबंग’ का प्रथम स्थान प्राप्त करना न सिर्फ मालिक के लिए, बल्कि पूरे मध्यप्रदेश के लिए गौरव की बात है।