चितौड़गढ़। मेवाड़ कुमावत समाज की ओर से रविवार को गोवर्धन रंगमंच, मंडफिया में मेवाड़ कुमावत महाकुंभ-2025 का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े बतौर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान समारोह की अध्यक्षता पशुपालन, गोपालन, डेयरी एवं देवस्थान विभाग के कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत ने की, जबकि विशिष्ठ अतिथि आसींद के पूर्व विधायक नानूराम कुमावत थे। इस दौरान आयोजकों ने दोनों अतिथियों का साफा बांधकर व स्मृति चिन्ह देकर सम्मान किया। लाखों की संख्या में जुटे कुमावत समाज ने राज्यपाल के समक्ष मेवाड़ के कमांड क्षेत्र के सात जिलों यथादृ भीलवाड़ा, चितौड़गढ, राजसमंद, उदयपुर, प्रतापगढ़, बांसवाड़ा एवं डूंगरपुर में 5-5 बीघा भूमि कुमावत समाज के छात्रावास के लिए आवंटित करने, कुमावत समाज को मूल ओबीसी का वर्गीकरण कर अलग से आरक्षण देने की मांग की। कार्यक्रम संयोजक शंकरलाल कुमावत भी मंचासीन थे।
कुमावत समाज नहीं संस्कृति रू राज्यपाल बागडे
राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने इस दौरान कहा कि महाराणा कुम्भा द्वारा इस समाज का नामकरण किया गया। कुमावत समाज नहीं भारतीय शिल्प, स्थापत्य और निर्माण कला से जुड़ी संस्कृति का संवाहक है। उन्होंने समाज की नई पीढ़ी को अपनी विरासत और कलाओं के से संरक्षण के लिए कार्य करने का आह्वान किया।
राज्यपाल ने कहा कि कोई भी तभी विकास करता है जब शिक्षा पर ध्यान दें। कुरीतियों और अंधविश्वास मुक्ति के लिए कार्य करे। उन्होंने मेवाड़ की संस्कृति में कुमावत समाज के योगदान की चर्चा करते हुए कहा कि चित्तौड़गढ़ के कीर्ति स्तंभ, कुंभलगढ़, हवामहल आदि का निर्माण इसी समाज के वास्तुविदों, शिल्पियों ने किया। उन्होंने समाज की सामाजिक एकता, शिक्षा, संस्कार और सेवा कार्यों की सराहना भी की। उन्होंने कहा कि ऐसे महाकुंभ समाज को संगठित करने के साथ-साथ सांस्कृतिक मूल्यों को सशक्त करने का कार्य करते हैं। उन्होंने युवाओं से शिक्षा, कौशल विकास और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
राजस्थान की जीडीपी में कुमावत समाज का अहम योगदान -मंत्री कुमावत
कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत ने संबोधित करते हुए कहा कि राजस्थान की जीडीपी को मजबूत करने में कुमावत समाज का अहम योगदान है। यह समाज राष्ट्रभक्त और सनातन संस्कृति को मानने वाला है। उन्होंने कहा कि शिक्षा की कमी के कारण कुमावत समाज अपेक्षित उन्नति नहीं कर पाया है, इसलिए इस समाज के उत्थान की जरूरत है।