मनासा। न कोई भेद, न कोई भिन्न पहचान—बस एक ही स्वर, “श्रीगुरु चरण सरोज रज, निज मन मुकुर सुधारि”। पूरे श्रद्धा और भाव के साथ किए गए सामूहिक श्रीहनुमान चालीसा पाठ ने उपस्थित श्रद्धालुओं को आनंद और भक्ति से सराबोर कर दिया।
यह अनुपम दृश्य स्थानीय श्रीराम द्वारा में आयोजित 67वें सामूहिक सत्संग के दौरान देखने को मिला, जिसमें हजारों की संख्या में सनातनी परिवार उपस्थित रहे। इस अवसर पर कार्यक्रम के प्रेरणास्रोत अंतरराष्ट्रीय रामस्नेही संप्रदाय, शाहपुरा के तेजस्वी युवा संत एवं राम राष्ट्र के प्रबल उद्घोषक संत श्री चेतनराम जी तथा उनके गुरु भ्राता संत श्री संतराम जी (उदयपुर) की पावन उपस्थिति ने आयोजन को विशेष गरिमा प्रदान की।
सत्संग का शुभारंभ संत द्वय की उपस्थिति में लाभार्थी मंत्री परिवार के रामपाल मंत्री, रामवल्लभ मंत्री, रामजीलाल मंत्री, रामप्रकाश मंत्री आदि द्वारा श्रीहनुमान जी एवं अंतरराष्ट्रीय रामस्नेही संप्रदाय के प्रवर्तक परम पूज्य स्वामी श्रीरामचरण जी महाराज के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। तत्पश्चात संतगण का माल्यार्पण कर स्वागत एवं अभिनंदन किया गया।
विराट सत्संग समागम को संबोधित करते हुए संत श्री चेतनराम जी ने कहा कि वर्तमान समय में सनातन परिवारों का संगठित होना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि संगठन में ही शक्ति निहित है। उन्होंने सामूहिक श्रीहनुमान चालीसा पाठ को इसी उद्देश्य से प्रारंभ किया गया बताते हुए सभी परिवारों से सपरिवार सहभागी बनने का आह्वान किया।
वहीं संत श्री संतराम जी ने अपने उद्बोधन में परिवारों में धर्मानुकूल संस्कार, समरसता एवं सदाचरण को जीवन का आधार बनाने पर जोर दिया।
सत्संग के दौरान नगर के प्रसिद्ध भजन गायकों राजकुमार मारु, निरंजन पाराशर, सत्यनारायण सोनी, महेश कुशवाह, गोपाल राठौर, जमनालाल पाटीदार एवं विजय उपाध्याय सहित अन्य कलाकारों ने भावपूर्ण भजनों की प्रस्तुति देकर भक्तिमय वातावरण को और सजीव कर दिया।
अंत में सनातन सत्संग मंडल की ओर से विशाल उपस्थिति के लिए सभी श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए आगामी 68वें सामूहिक श्रीहनुमान चालीसा पाठ में दिनांक 6 जनवरी 2026, प्रातः 8 बजे, श्री नाहरसिंह माताजी मंदिर, रामपुरा नाका पर अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होने का आग्रह किया गया।