नीमच। कल शाम जब लोग नए साल के आगाज़ की खुशियों का इंतजार कर ही रहे थे, इसी बीच नीमच दाऊदी बोहरा समाज में एक दर्दनाक खबर आई की हकीमुद्दीन भाई राणा जी अब हमारे बीच नहीं रहे।
जिसने भी यह खबर सुनी वह स्तब्ध रह गया क्योंकि हकीम भाई नीमच में सेवा एवं खिदमत गुज़ारी का पर्याय थे। समाज में खिदमत का कोई भी कार्य हो, वह अग्रणी रूप से अपनी प्रभावी उपस्थिति दर्ज कराया करते थे। अपने सरल, सौम्य, मृदुभाषी एवं व्यवहार कुशलता के चलते आप सभी वर्गों में समान रूप से लोकप्रिय थे।
अभी थोड़े ही अरसे पहले नीमच बोहरा समाज की एक और अति महत्वपूर्ण शख्सियत एवं हकीम भाई राणा के परम मित्र अब्बास भाई रामपुरा वाला के दुःखद निधन का दाग़ इस समाज एवं शहर ने झेला था। अभी इससे उभर भी नहीं पाए थे कि आज इस दुःखद खबर ने सबको झकझोर दिया।
अब्बास भाई एवं हकीम भाई की मजबूत दोस्ती को शहर में जय एवं वीरू की जोड़ी की तरह देखा जाता था। इन दोनों की जुगलबंदी ऐसी थी, कि जटिल से जटिल समस्या को भी आसानी से सुलझा दिया करते थे। समाज एवं शहर की भलाई का जज्बा इस कदर था की एक हाथ से किसी की मदद करते थे तो दूसरे हाथ को भी पता नहीं होता था। अर्थात बिना दिखावा किए जरूरतमंद की मदद कर दिया करते थे। तजहीजो तकफ़ीन बुरहानी बाग कब्रस्तान कमेटी में आप दोनों का अविस्मरणीय योगदान है। शबाबुल ईदुज़ जुहाबी, स्काउट बैंड एवं अन्य कई सामाजिक कार्यों के साथ ही खाना खिलाने की खिदमत में जहां दोनों कंधे से कंधा मिलाकर मजबूती से कार्य अंजाम देते थे, वहीं मस्जिद में माइक एवं रिले से संबंधित खिदमतों में अब्बास भाई के अविस्मरणीय योगदान को समाज का कोई व्यक्ति भूल नहीं सकता। इसी पकार शासन प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन संबंधी कार्यों में मदद करने में हकीम भाई का कोई सानी नहीं था। आप दोनों को समाज के मजबूत आधार स्तंभों के रूप में देखा जाता था।
दोस्ती इस कदर गहरी थी कि अब्बास भाई के जाने का हकीम भाई को गहरा सदमा लगा था। एवं कुछ समय पश्चात ही आप भी अस्वस्थ हो गए एवं आज आपका भी इंतकाल हो गया। दोनों के अल्पायु में इस तरह चले जाने से शहर दाऊदी बोहरा समाज में जो अपूरणीय क्षति हुई है, उसकी भरपाई हो पाना फिलहाल असंभव है।
आपके निधन पर तजहीजो तकफ़ीन बुरहानी बाग कब्रस्तान कमेटी के सदस्यों फखरुद्दीन भाई बर्तन वाला, जैनुद्दीन भाई पेटी वाला,खोजेमा भाई लाइट वाला, जूज़र भाई बाल्टी वाला,शाकिर भाई पानवाला, जुल्फिकार भाई बारूद वाला, फिदा हुसैन भाई कांच वाला,युसूफ भाई बर्तन वाला, हकीमुद्दीन भाई रामपुरा वाला आदि सदस्यों ने खिराजे अकीदत पेश करते हुए परवरदिगार से आपको जन्नत में आला दर्जा अता करने की दुआ की है।