नीमच। नीमच के समीप ग्राम सगराना में निर्माणाधीन गोल्ड क्रश सीमेंट प्लांट से जुड़ी समस्याओं को लेकर शुक्रवार को प्रशासन और ग्रामीणों के बीच बैठक आयोजित हुई। बैठक में ग्रामवासियों ने एकजुट होकर कड़ा रुख अपनाते हुए अपनी मांगें प्रशासन और प्लांट प्रबंधन के समक्ष रखीं।
ग्रामीणों ने बताया कि अपनी मांगों को लेकर वे पिछले दो दिनों से प्लांट तक जाने वाले मार्ग को पूर्णतः बंद कर धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रशासन की समझाइश के बावजूद समाचार लिखे जाने तक कोई सहमति नहीं बन सकी है और रास्ते अभी भी बंद हैं।
दोपहर में सरपंच प्रतिनिधि विक्रम सिंह और ग्रामवासियों की सभा आयोजित हुई, जिसमें सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर ग्रामीण हितों से जुड़ी प्रमुख मांगें प्रशासन व प्लांट प्रबंधन को सौंपीं गईं। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि खेती के लिए उपयोग में आने वाले पारंपरिक आम रास्तों को किसी भी स्थिति में बंद या बाधित नहीं किया जाए। प्लांट का मुख्य आवागमन मार्ग गांव से कम से कम 500 मीटर दूर से निकाला जाए तथा किसी भी किसान की भूमि उसकी लिखित सहमति के बिना अधिग्रहित न की जाए।
ग्रामीणों ने ग्राम सगराना की कृषि भूमि पर किसी भी प्रकार के अधिग्रहण या नोटिस जारी न करने की मांग भी उठाई। साथ ही प्लांट संचालन से फसलों को होने वाले नुकसान की पूरी जिम्मेदारी प्लांट प्रबंधन की तय कर प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग रखी।
स्थानीय रोजगार को लेकर ग्रामीणों ने प्रत्येक परिवार से एक सदस्य को स्थायी नौकरी देने, सभी भर्तियों में ग्रामवासियों को प्राथमिकता देने तथा परिवहन कार्यों में ग्रामीणों के वाहनों को शामिल करने की मांग की। इसके अलावा गांव के सर्वांगीण विकास के लिए बिजली, सड़क, स्ट्रीट लाइट, स्वास्थ्य केंद्र, स्कूल भवन, खेल मैदान, खेल सामग्री उपलब्ध कराने और 50 बीघा भूमि पर गोशाला निर्माण की मांग भी रखी गई।
प्रस्ताव में ग्रामवासियों पर दर्ज कथित अवैध एफआईआर वापस लेने, प्लांट की कैंटीन ग्रामवासियों को सौंपने तथा विवादित ठेकेदारों व कर्मचारियों को हटाने की मांग भी शामिल रही।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी जायज मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। बैठक में एसडीएम संजीव साहू, तहसीलदार अजेंद्र प्रजापति, नायब तहसीलदार संजय मालवीय, सीएसपी किरण चौहान सहित फैक्ट्री प्रबंधन के प्रतिनिधि मौजूद रहे।