नीमच। शहर में सर्राफा व्यवसायी स्वर्गीय बहादुर सोनी के पास विश्वास के आधार पर अमानत के रूप में जमा कराई गई नगद राशि एवं सोना-चांदी वापस न मिलने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। इसी क्रम में शनिवार को कुछ ग्रामीण नीमच पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और अपनी शिकायत दर्ज कराई।
ग्राम कराडिया महाराज, तहसील जीरन निवासी दो प्रार्थियों ने पुलिस अधीक्षक को आवेदन सौंपकर आरोप लगाया कि ज्वैलर्स की मृत्यु के बाद उनकी पत्नी द्वारा अमानत की गई राशि और आभूषण लौटाने में टालमटोल की जा रही है।
पहले प्रकरण में बापूनाथ पिता सवानाथजी ने आवेदन में बताया कि वे वर्षों से कंबल एवं घरेलू सामान का व्यवसाय करते हैं। व्यावसायिक विश्वास के चलते उन्होंने नीमच स्थित सत्यम ज्वैलर्स के संचालक स्वर्गीय बहादुर सोनी के पास समय-समय पर नगद राशि तथा सोना-चांदी अमानत के रूप में जमा कराई थी। पुत्रियों के विवाह के लिए जीवनभर की बचत से लाखों रुपये नगद एवं भारी मात्रा में चांदी के आभूषण जमा किए गए थे, जिनकी विधिवत जमा पर्चियां उनके पास मौजूद हैं। उन्होंने बताया कि फरवरी माह में बेटियों के विवाह प्रस्तावित हैं।
दूसरे प्रकरण में रूप सिंह पिता हीरूसिंह, जो कि कृषि मजदूर हैं, ने आवेदन में उल्लेख किया कि विगत करीब 15 वर्षों से उनका बहादुर सोनी के साथ लेन-देन चलता आ रहा था। विश्वास के आधार पर उन्होंने अलग-अलग तिथियों में कुल 40 लाख 50 हजार रुपये अमानत के रूप में जमा किए थे। प्रार्थी के अनुसार राशि से संबंधित लिखित हिसाब-किताब एवं पर्चियां भी उनके पास उपलब्ध हैं।
दोनों प्रार्थियों का आरोप है कि बहादुर सोनी की मृत्यु के पश्चात जब उनकी पत्नी प्रमिला सोनी से अमानत की गई राशि एवं आभूषण लौटाने का आग्रह किया गया, तो उन्हें लगातार टालमटोल का सामना करना पड़ा। आरोप है कि न तो संतोषजनक जवाब दिया जा रहा है और न ही जमा राशि वापस की जा रही है। कुछ अवसरों पर अभद्र व्यवहार किए जाने की बात भी आवेदनों में उल्लेखित है।
पीड़ितों ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर अमानत के रूप में जमा की गई नगद राशि एवं आभूषण उन्हें वापस दिलाए जाएं, ताकि वे अपने पारिवारिक एवं सामाजिक दायित्वों का निर्वहन कर सकें।