जावरा। जावरा से लगभग सात किलोमीटर दूर पहाड़ी क्षेत्र में रतलाम जिले के पिपलोदा तहसील के ग्राम सूजापुर में श्री कामधेनु शक्तिपीठ द्वारा 100 बीघा जमीन में मध्य प्रदेश का पहला गो-चिकित्सालय स्थापित किया जाएगा। इसका भूमि पूजन आगामी 14 जनवरी, मकर संक्रांति के अवसर पर विशाल पैमाने पर किया जाएगा। निर्माण कार्य पूरी तरह से 2 वर्षों में पूरा होगा।
गो क्रांतिकारी संत स्वामी श्री गो शरणानंद जी महाराज ने पत्रकारों से चर्चा में बताया कि दाता देवी फाउंडेशन और अन्य सहयोगी संस्थानों के सहयोग से नए गो-चिकित्सालय में 100 गायों के लिए वार्ड होगा, जहां गोवंश को निशुल्क चिकित्सा सुविधा दी जाएगी। एक्सीडेंट की स्थिति में घायल गोवंश को यहां लाकर उपचार किया जाएगा। इसके लिए एंबुलेंस की व्यवस्था करने का प्रयास भी किया जाएगा।
इसके अलावा, देश के प्रत्येक जिले में 1008 गौशालाओं के निर्माण की योजना है। संत ने बताया कि 27 अप्रैल 2026 को देश के 750 जिलों में तहसीलदारों के माध्यम से गोवंश की सुरक्षा और गाय को “राष्ट्रमाता” घोषित करने के लिए प्रार्थना पत्र दिए जाएंगे। यदि सरकार ने नहीं सुना, तो राज्यपालों को प्रार्थना पत्र भेजा जाएगा। इसके बाद भी मांग पूरी न होने पर 27 फरवरी 2027 को प्रत्येक जिले से 30-30 गौ रक्षक सात-सात दिन के धरने पर बैठेंगे। फिर भी केंद्र सरकार की अनसुनी रहने पर 15 अगस्त 2027 को नई दिल्ली में 60 संत आमरण अनशन करेंगे। संत ने कहा कि यदि राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री उनकी मांग स्वीकार कर लें, तो उनके मंदिर बनाकर पूजा की जाएगी।
इस अवसर पर पत्रकार वार्ता में हनुमानगढ़ी अयोध्या के संत श्री चौतन्य जी महाराज, उज्जैन के संत श्री रामेश्वर दास जी, और आयोजन समिति प्रमुख देवेंद्र शर्मा उपस्थित थे।
स्वामी जी ने मीडिया को यह भी जानकारी दी कि आचार्य निकेतन कृष्ण जी महाराज द्वारा आगामी 8 से 14 जनवरी तक गो-भागवत कथा एवं दिव्य महा दरबार का आयोजन किया जाएगा।