मंदसौर। जिले सहित पूरे अंचल में कड़ाके की ठंड का असर जारी है। रविवार रात को न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। सोमवार सुबह भीषण ठंड और घने कोहरे के साथ दिन की शुरुआत हुई, जिससे जनजीवन प्रभावित रहा।
ओस की चादर में लिपटा शहर-
सोमवार सुबह मंदसौर पूरा शहर ओस की चादर में ढका नजर आया। सुबह 10रू30 बजे तक धूप नहीं निकली और तापमान करीब 12 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। ठंड से राहत के लिए लोग घरों और सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलाते दिखे। सुबह और देर रात ठिठुरन अधिक महसूस की गई। घने कोहरे के कारण दृश्यता घटकर लगभग 100 मीटर तक रह गई, जिससे वाहन चालकों को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ी।
मालवा-निमाड़ में सबसे ज्यादा असर-
सर्दी का सबसे ज्यादा प्रभाव मालवा और निमाड़ अंचल में देखा गया। इंदौर और उज्जैन संभाग के 15 जिले शीतलहर की चपेट में हैं। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बर्फबारी और पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के कारण मध्य प्रदेश में ठंडी हवाएं पहुंच रही हैं, जिससे ठंड और बढ़ गई है। कई इलाकों में शीतलहर और कोल्ड डे जैसी परिस्थितियां बनी हुई हैं।
जेट स्ट्रीम ने बढ़ाई परेशानी-
मौसम विभाग के अनुसार बुधवार को जेट स्ट्रीम की रफ्तार 278 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच गई थी। इससे प्रदेश में रात के तापमान में तेज गिरावट दर्ज की गई। विशेषज्ञों का अनुमान है कि गुरुवार को भी जेट स्ट्रीम सक्रिय रहेगी, जिससे ठंड का असर लगातार बना रहेगा।
12.6 किमी ऊंचाई पर चल रही तेज हवा-
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक जेट स्ट्रीम जमीन से लगभग 12.6 किलोमीटर ऊंचाई पर चलती है। इस बार इसकी रफ्तार 285 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच गई है। जब उत्तर भारत के मैदानी इलाकों से ठंडी हवा, पहाड़ी क्षेत्रों से बर्फीली हवाएं और ऊपर जेट स्ट्रीम एक साथ सक्रिय हो जाएं, तो ठंड का असर दोगुना हो जाता है। मध्य प्रदेश में इस बार यही स्थिति बनी हुई है।