रामपुरा। शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय रामपुरा में भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ के तत्वावधान में बसंत पंचमी एवं महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती गरिमामय वातावरण में मनाई गई। कार्यक्रम में विद्यार्थियों एवं प्राध्यापकों की सक्रिय सहभागिता रही।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रभारी प्राचार्य जेड.एच. बोहरा ने कहा कि बसंत पंचमी ऋतु पर्व है, जो ज्ञान, उल्लास और समृद्धि का प्रतीक है। इस दिन ज्ञान की देवी मां सरस्वती का अवतरण माना जाता है और बसंत ऋतु का शुभारंभ होता है। उन्होंने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका योगदान देश की स्वतंत्रता संग्राम में अत्यंत प्रेरणादायी रहा है।
भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ की प्रभारी प्रो. शिवकोर कवचे एवं प्रो. मठुआ अहिरवार द्वारा मां सरस्वती की पूजा-अर्चना की गई। इसके पश्चात बी.ए. प्रथम वर्ष की छात्राओं कशिश, हिना माली एवं तनीषा ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की।
कार्यक्रम के प्रमुख वक्ता प्रो. मठुआ अहिरवार ने कहा कि बसंत पंचमी उल्लास और उत्साह का पर्व है। इस दिन पीले वस्त्र धारण करने की परंपरा है, जो प्रकृति की सुंदरता और किसानों की खुशहाली का प्रतीक है। उन्होंने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के नारे कृ “दिल्ली चलो”, “तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूंगा” और “जय हिंद” का उल्लेख करते हुए युवाओं को उनके आदर्शों पर चलने की प्रेरणा दी।
प्रो. शिवकोर कवचे ने कहा कि बसंत पंचमी हिंदू धर्म का प्रमुख पर्व है, जिसे माघ शुक्ल पंचमी को मनाया जाता है। उन्होंने यह भी बताया कि इसी दिन प्रकृति के सुकुमार कवि सूर्यकांत त्रिपाठी निराला का जन्मदिन भी मनाया जाता है। नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वारा आज़ाद हिंद फौज के नेतृत्व और उनके बलिदान को उन्होंने देश के लिए अमूल्य योगदान बताया।
कार्यक्रम के दौरान लोकगीत एवं लोकगायन प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें बी.ए. तृतीय वर्ष की छात्रा अर्पिता माली ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं “नेताजी सुभाष चंद्र बोस के क्रांतिकारी विचार एवं राष्ट्र निर्माण में योगदान” विषय पर आयोजित परिचर्चा में
प्रथम स्थानरू चेरी जागीरदार (बी.ए. तृतीय वर्ष)
द्वितीय स्थानरू यशवंत रेगर
तृतीय स्थानरू हिना माली (बी.ए. प्रथम वर्ष)
कार्यक्रम का आभार प्रदर्शन चेरी जागीरदार द्वारा किया गया। आयोजन को सफल बनाने में डॉ. जितेंद्र पाटीदार एवं डॉ. सुरेश कुमार की विशेष भूमिका रही। इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त विद्यार्थी एवं स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।