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February 9, 2026, 5:56 pm
NEWS : वर्ष 2025 में अपराधियों पर शिकंजा, कानून व्यवस्था, जनसुरक्षा और अपराध नियंत्रण का स्वर्णिम अध्याय बना, नशे से लेकर साइबर अपराध तक में चित्तौड़गढ़ पुलिस का निर्णायक अभियान, मादक पदार्थों की रिकॉर्ड जब्ती, महिला अपराधों में कमी और गुमशुदाओं की सफल तलाश, पढ़े संजय खाबिया का विशेष आर्टिकल

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चित्तौड़गढ़। वर्ष 2025 जिला चित्तौड़गढ़ पुलिस के लिए उपलब्धियों, नवाचारों एवं जनसेवा का ऐतिहासिक वर्ष रहा। पुलिस अधीक्षक  मनीष त्रिपाठी के कुशल, दूरदर्शी एवं सशक्त नेतृत्व में जिले के समस्त अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, वृताधिकारी, थानाधिकारी एवं पुलिस जवानों ने समर्पण, अनुशासन एवं निष्ठा के साथ कार्य करते हुए चित्तौड़गढ़ जिले को सुरक्षित, शांतिपूर्ण एवं अपराध नियंत्रित जिला बनाने की दिशा में उल्लेखनीय सफलता अर्जित की।
 
सुदृढ़ कानून-व्यवस्था एवं अपराधों पर निर्णायक नियंत्रण
वर्ष 2025 के दौरान जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने हेतु निरंतर गश्त, नाकाबंदी एवं सघन चेकिंग अभियान चलाए गए। चोरी, नकबजनी, लूट, डकैती, हत्या के प्रयास, संगठित अपराध, अवैध हथियार एवं हिस्ट्रीशीटर अपराधियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की गई। लगातार अपराध करने वाले 22 आदतन अपराधियों की हिस्ट्रीशीट खोली गई। लंबे समय से फरार अपराधियों, 1330 स्थाई वारंटी, 86 भगौड़े(मफरुर), 05 उद्घोषित अपराधी एवं 91 ईनामी बदमाशों की गिरफ्तारी कर उन्हें सलाखों के पीछे पहुंचाया गया। जिले से बाहर अन्‍य जिले एंव अन्‍य राज्‍य के वांछित अपराधियों की गिरफतारी के क्रम में 09 ईनामी अपराधियों एवं 37 अन्‍य वांछित अपराधियों को डिटेन कर संबं‍धित को  सुपुर्द किये गये।  समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान से न्यायालयों में दोषसिद्धि की दर में भी वृद्धि हुई।
 
मादक पदार्थों के विरुद्ध “जीरो टॉलरेंस” नीति-
चित्तौड़गढ़ पुलिस ने नशे के कारोबार के विरुद्ध “जीरो टॉलरेंस” नीति अपनाते हुए अवैध अफीम, डोडा-चूरा, गांजा, स्मैक सहित विभिन्न मादक पदार्थों की रिकॉर्ड मात्रा में जब्ती की। मादक पदार्थों की तस्करी करते 405 अपराधियों को गिरफ्तार कर 260 वाहनों को जब्त कर कुल 289 प्रकरण दर्ज किये हैं, जिसमे 305.313 किलोग्राम अवैध अफीम, 28780.795 किलोग्राम डोडाचूरा, 1442.051 गांजा, 03 ग्राम स्मेक, 5.218 किलोग्राम एमडीएमए व 276 ग्राम ब्राउन शुगर को जब्त किया गया है। अंतरराज्यीय तस्करी में संलिप्त संगठित गिरोहों को चिन्हित कर उनके नेटवर्क को ध्वस्त किया गया। दो तस्करों की संपत्तियों को जब्त करने की कार्रवाई भी अमल में लाई गई। साथ ही नशा मुक्त समाज के निर्माण हेतु युवाओं, विद्यार्थियों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाए गए। वर्ष 2025 मे तस्‍करी में जब्‍त वाहनों का नीलामी द्वारा निस्‍तारण किया गया,  जिसमें 55 दौपहिया, 140 चौपहिया एवं 21 भारी वाहनों सहित कुल 216 वाहनों की नीलामी हुई, इस नीलामी प्रक्रिया में सरकार को करीब 3 करोड 12 लाख रूपये का राजस्‍व हुआ।
 
गुमशुदा व्यक्तियों की तलाश : मानवीय पुलिसिंग का उदाहरण-
जिला चित्तौड़गढ़ पुलिस ने वर्ष 2025 में मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए सैकड़ों गुमशुदा महिलाओं, बच्चों एवं पुरुषों को दस्तयाब कर उनके परिवारों से मिलवाया। कई वर्षों से लापता व्यक्तियों की तलाश कर परिवारों के चेहरे पर खुशियाँ लौटाई गईं, जिससे आमजन में पुलिस के प्रति विश्वास और अधिक मजबूत हुआ। जिला पुलिस ने वर्ष 2025 में 1076 महिला व 228 पुरुषों सहित कुल 1305 व्यक्तियों को दस्तयाब कर उनके परिजनों को सौंपा गया है। पुलिस थाना राशमी क्षेत्र में  बकरिया चराने जंगल में गई गंदरफ गांव की तीन नाबालिग लड़किया के रात्री तक वापस नही लौटने पर प्रकरण दर्ज कर घटना की गम्भीरता को देखते हुए पुलिस टीमो द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए घटना के 12 घंटे के अंदर तीनो नाबालिग लड़कियो को दस्तयाब किया गया। पांच थानों के थानाधिकारियों, पुलिस लाईन की दो टीमों व गंगरार डीएसपी ने बच्चियों को रात भर पूरे जंगल की सघन तलाशी कर सवेरे सुरक्षित हालत में खोज निकाला।

महिला सुरक्षा : विश्वास, संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई-
महिलाओं के प्रति अपराधों की रोकथाम एवं महिला सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई। महिला हेल्पडेस्क, विशेष पुलिस टीमें एवं त्वरित रिस्पॉन्स के माध्यम से पीड़ित महिलाओं को तुरंत सहायता उपलब्ध कराई गई। स्कूलों, कॉलेजों एवं सार्वजनिक स्थलों पर महिला सुरक्षा, साइबर सुरक्षा, गुड टच– बैड टच एवं आत्मरक्षा विषयों पर कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिससे बालिकाओं एवं महिलाओं में आत्मविश्वास का संचार हुआ। महिलाओं के अपहरण व व्यपहरण तथा दुष्कर्म के मामलों में गत वर्ष की तुलना में कमी देखी गई हैं।
 
बाल संरक्षण एवं भविष्य निर्माण-
बाल अपराधों की रोकथाम हेतु बाल संरक्षण कानूनों का प्रभावी क्रियान्वयन किया गया। वर्ष 2025 में 224 गुमशुदा बच्चों की त्वरित तलाश कर उन्हें सुरक्षित परिजनों को सुपुर्द किया गया। बाल अधिकार, बाल श्रम उन्मूलन एवं साइबर खतरों को लेकर निरंतर जागरूकता अभियान चलाए गए।
 
साइबर अपराधों पर सख्त प्रहार-
डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए साइबर क्राइम पर विशेष फोकस किया गया। ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, सोशल मीडिया दुरुपयोग एवं डिजिटल फ्रॉड मामलों में त्वरित कार्रवाई कर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। आमजन को साइबर सुरक्षा के प्रति सजग करने हेतु कार्यशालाएँ, स्कूल कार्यक्रम एवं जागरूकता अभियान चलाए गए। वर्ष 2025 के दौरान साइबर अपराधों के दर्ज प्रकरणों मे अपराधियों द्वारा की गई धोखाधडी के परिणामस्‍वरूप 06 प्रकरणों में 74 लाख रूपये से अधिक की राशि को समय रहते बैंक खातों में फ्रिज करवा कर पिडितों को दिलवायें गये।
 
यातायात व्यवस्था एवं सड़क सुरक्षा में क्रांतिकारी सुधार-
सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के उद्देश्य से यातायात नियमों का सख्ती से पालन कराया गया। शराब पीकर वाहन चलाने, ओवरस्पीडिंग, बिना हेलमेट एवं बिना सीट बेल्ट वाहन चलाने वालों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाए गए। विद्यालयों एवं कॉलेजों में सड़क सुरक्षा कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया गया। जिला पुलिस ने वर्ष 2025 में 45338 वाहन चालकों के चालान बना कर उनसे 78 लाख से अधिक का जुर्माना वसूला हैं।
 
त्यौहार, मेले एवं वीआईपी कार्यक्रम : शांतिपूर्ण आयोजन-
चित्तौड़गढ़ जिले में आयोजित प्रमुख धार्मिक, सामाजिक,  सांस्कृतिक आयोजनों, मेलों, पर्व-त्यौहारों एवं वीआईपी दौरों के दौरान चाक-चौबंद पुलिस व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी, ट्रैफिक प्रबंधन एवं सतर्क सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की गई, जिससे सभी आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुए।
 
सामुदायिक पुलिसिंग एवं पुलिस-जन संवाद-
पुलिस-जन संबंधों को मजबूत करने हेतु सामुदायिक पुलिसिंग को बढ़ावा दिया गया। ग्रामीण क्षेत्रों में चौपाल, जनसुनवाई एवं संवाद कार्यक्रम आयोजित कर आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान किया गया।
 
पुलिस बल का प्रशिक्षण, सम्मान एवं मनोबल-
आधुनिक अपराधों से निपटने हेतु पुलिसकर्मियों को तकनीकी एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। उत्कृष्ट सेवाओं के लिए अधिकारियों एवं जवानों को सम्मानित कर उनका मनोबल बढ़ाया गया।
 
वर्ष 2025 जिला चित्तौड़गढ़ पुलिस के लिए कर्तव्य, अनुशासन, सेवा एवं उपलब्धियों का प्रेरणादायक वर्ष रहा। पुलिस अधीक्षक ने जिले के नागरिकों, जनप्रतिनिधियों एवं मीडिया के सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी चित्तौड़गढ़ को सुरक्षित, शांत एवं अपराध मुक्त जिला बनाए रखने का संकल्प दोहराया।

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