भोपाल। मध्य प्रदेश का मौसम एक बार फिर बदलाव की ओर है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों में हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार जताए जा रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार, ग्वालियर-चंबल संभाग, सागर संभाग और उज्जैन संभाग के कुछ जिलों में 18 और 19 फरवरी को बादल छाए रहने के साथ बारिश हो सकती है।
रविवार (15 फरवरी) को प्रदेश में मौसम का मिला-जुला रुख देखने को मिला। दिन के तापमान में बढ़ोतरी जारी रही, जबकि रातें अभी भी ठंडक महसूस करा रही हैं। खंडवा और खरगोन में अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया, जबकि नरसिंहपुर, सागर, सतना और उमरिया में पारा 30 डिग्री या इससे अधिक दर्ज किया गया। इससे गर्मी का एहसास बढ़ा है। रात के न्यूनतम तापमान की बात करें तो कटनी जिले का करौंदी सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 8.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। पचमढ़ी में 9.2 डिग्री, कल्याणपुर में 9.4 डिग्री और रीवा में 9.6 डिग्री रहा। इन इलाकों में सुबह-शाम ठंडक बनी रही, जबकि मैदानी इलाकों में दिन गर्म रहे।
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, वेस्टर्न डिस्टरबेंस का सीधा असर प्रदेश पर कम है, लेकिन इसका अप्रत्यक्ष प्रभाव 17-19 फरवरी के बीच दिख सकता है। ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, श्योपुर, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर जैसे जिलों में हल्की बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। उज्जैन संभाग में भी बादलों की आवाजाही बढ़ सकती है, जिससे भोपाल और इंदौर जैसे शहरों में भी बादल छाए रहने की संभावना है। यह फरवरी महीने में तीसरी बार बारिश का दौर हो सकता है। महीने की शुरुआत में हुई बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान पहुंचा था, जिसके बाद सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में सर्वे भी कराया। किसानों को सलाह दी जा रही है कि वे मौसम के बदलाव पर नजर रखें।