मंदसौर। जिले के सुरजनी गांव में बुधवार देर रात कुख्यात हिस्ट्रीशीटर और अंतरराज्यीय ड्रग तस्कर वाहिद उर्फ भय्यू लाला की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। वह मध्यप्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र पुलिस के लिए वांछित था और उस पर 5 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
पुलिस दबिश के दौरान दीवान में छिपा, दम घुटने की आशंका
पुलिस को सूचना मिली थी कि भय्यू लाला अपने घर आया हुआ है। सीतामऊ पुलिस ने उसके मकान की घेराबंदी की। सूत्रों के अनुसार पुलिस को देखकर वह घर में रखे बॉक्स वाले दीवान में छिप गया और खुद को अंदर से बंद कर लिया।
पुलिस तलाशी के बाद वापस लौट गई। बाद में परिजनों ने दीवान खोला तो वह अचेत मिला। आशंका जताई जा रही है कि ऑक्सीजन की कमी से उसका दम घुट गया।
परिजनों के आरोप - पुलिस ने मारपीट कर हत्या की
परिवार ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पुलिस घर में घुसी, भय्यू को कमरे में ले जाकर मारपीट की और सीसीटीवी का डीवीआर भी निकालकर ले गई ताकि सबूत मिटाए जा सकें।
परिजनों के अनुसार शव मिलने पर उसकी नाक और कान से खून बह रहा था, जिससे पिटाई की आशंका जताई जा रही है।
एसपी का बयान - सोशल मीडिया से मिली सूचना
मंदसौर एसपी विनोद कुमार मीना ने कहा कि घटना की जानकारी पुलिस को सोशल मीडिया से मिली। शुरुआती तौर पर दम घुटने से मौत की बात सामने आ रही है, लेकिन वास्तविक कारण पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा। मेडिकल बोर्ड से पोस्टमॉर्टम कराया जा रहा है और बिसरा जांच भी होगी।
गांव में तनाव, पुलिस बल तैनात
घटना के बाद गांव में तनाव की स्थिति बन गई, जिसे देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया है। बताया गया कि परिजनों ने तत्काल पुलिस को सूचना नहीं दी और शव देर रात तक घर में ही रखा रहा।
अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क से जुड़ा था भय्यू
भय्यू लाला पर एनडीपीएस, आर्म्स एक्ट, हत्या के प्रयास, डकैती और बलवा सहित 19 गंभीर मामले दर्ज थे। मुंबई में एमडी ड्रग्स की बरामदगी के बाद उसका नाम सामने आया था। मुंबई और ठाणे पुलिस भी उसकी तलाश में सुरजनी आई थी, लेकिन वह फरार हो गया था। उसके दो साथियों को बाद में गिरफ्तार कर 10 किलो एमडी ड्रग्स जब्त की गई थी।
आगे की कार्रवाई
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ होगा कि मौत दम घुटने से हुई या मारपीट से। पुलिस और परिजनों के आरोप-प्रत्यारोप के बीच मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है।