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February 19, 2026, 2:40 pm
BIG NEWS : 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, छत्तीसगढ़ की तर्ज पर एमपी सरकार कर सकती है नियुक्ति, अब मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में ही होगी सुनवाई, पढे़ खबर 

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जबलपुर। सुप्रीम कोर्ट ने ओबीसी के 27 प्रतिशत आरक्षण मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। छत्तीसगढ़ की तर्ज पर बढ़े हुए आरक्षण पर मध्य प्रदेश सरकार नियुक्तियां कर सकती है। हालांकि एक्ट सही या गलत इस पर कोई टिप्पणी नहीं की गई है। इसके साथ ही अब इस मामले की सुनवाई मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ही करेगा। एससी ने कहा कि सुनवाई के लिए हाईकोर्ट स्वतंत्र है।


सुप्रीम कोर्ट ने ओबीसी आरक्षण मामले में लेट लतीफी के लिए मध्य प्रदेश सरकार को आड़े हाथों लिया हैं। वहीं एमपी हाईकोर्ट के सभी इंट्रीम ऑर्डर निष्प्रभावी हो गए हैं। आपको बता दें कि मध्य प्रदेश सरकार ने ओबीसी में 27 फीसदी आरक्षण की याचिका हाईकोर्ट से सुप्रीम कोर्ट में ट्रांसफर कार्रवाई थी। सुप्रीम कोर्ट यह पहले कह चुकी थी कि राज्य के कानून की संवैधानिकता का अनुच्छेद 226 के तहत परीक्षण करने का सर्वप्रथम हाईकोर्ट को अधिकार है।


यह भी बता दें कि एमपी में ओबीसी की आबादी 50 प्रतिशत से ज्यादा है, लेकिन ओबीसी वर्ग 27 फीसदी आरक्षण के पेंच में उलझ गया है। मध्यप्रदेश में हो रही भर्ती परीक्षाओं में 87ः13 का फॉर्मूला लागू है, इसके तहत 87 प्रतिशत रिजल्ट जारी हो रहे हैं, जबकि 13 प्रतिशत रिजल्ट होल्ड पर हैं। इन पदों को होल्ड करने के फैसले को ही चुनौती दी गई है। गौरतलब है कि साल 2019 में मध्य प्रदेश विधानसभा की ओर से पारित कानून के तहत ओबीसी आरक्षण को 14 से बढ़ाकर 27 प्रतिशत किया गया था, लेकिन हाईकोर्ट के अंतरिम आदेशों के कारण यह लागू नहीं हो सका था।

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