मोरवन। होलिका दहन के शुभ अवसर पर ग्राम मोरवन में आज शाम विशेष आयोजन किया गया। गांव की परंपरा के अनुसार शाम 6.45 बजे होली का दहन ठाकुर भूपेंद्र सिंह शक्तावत द्वारा संपन्न किया गया।
शीतला माता मंदिर के पास होली चौक पर ग्रामीणों का उत्साहजनक जमावड़ा देखा गया। मोरवन के पुरोहित श्री विक्रम शर्मा ने विधिपूर्वक होली का पूजन कर होलिका दहन किया। ग्रामीणों ने भी पूजा-अर्चना कर होलिका की परिक्रमा की और गेहूं व चने की फसल को अग्नि में सेंकने की परंपरा निभाई, जिसे नई फसल के स्वागत और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। सुरक्षा की दृष्टि से सरवानिया चौकी के जवान भी स्थल पर मौजूद रहे।
होलिका दहन की परंपरा पौराणिक कथा से जुड़ी है। कहा जाता है कि भगवान विष्णु ने भक्त प्रह्लाद की रक्षा के लिए हिरण्यकश्यप की बहन होलिका का दहन कराया था। होलिका अग्नि में भस्म हो गई जबकि प्रह्लाद सुरक्षित रहे। इसी स्मृति में बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के रूप में हर वर्ष होलिका दहन किया जाता है।