ग्वालियर। सड़क निर्माण में देरी से नाराज भाजपा पार्षद अर्पणा पाटिल अपनी ही सरकार के खिलाफ सड़क के गड्ढे पर ही धरने पर बैठ गईं। उन्होंने सरकार पर विकास कार्यों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी कि 10 दिन में सड़क का निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ, तो नगर निगम मुख्यालय में बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
अर्पणा पाटिल वार्ड-58 से भाजपा के टिकट पर पार्षद हैं और बसंत विहार कॉलोनी की सड़क के निर्माण में देरी से नाराज हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर सरकार विकास कार्यों की अनदेखी कर रही है। पाटिल ने याद दिलाया कि उन्होंने पहले भी सड़क के लिए प्रदर्शन किया था। तब सड़क पर खून बहाने तक की बात कही थी। उसके बाद सड़क निर्माण की प्रक्रिया शुरू की गई, जो बाद में रोक दी।
एक घंटे सड़क पर बैठी रहीं
अपनों से नाराज पार्षद करीब एक घंटे सड़क पर गड्ढे में बैठी रहीं और उनके आसपास से वाहन निकलते रहे। इस दौरान कॉलोनी के रहवासी भी पार्षद के पास पहुंचे। रहवासियों ने इसे जायज मांग बताया और पार्षद के आंदोलन में साथ देने को कहा।
टेंडर हो चुका फिर क्या अड़चन है
पार्षद ने कहा कि कॉलोनी की सड़क खराब हालत में है। लोग यहां गिरकर चोटिल हो रहे हैं और नगर सरकार को चिंता ही नहीं है। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण की औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं। टेंडर प्रक्रिया पूरी हो गई, फिर सड़क का निर्माण क्यों नहीं किया जा रहा। उन्होंने कहा कि वे नगर सरकार को सड़क के गड्ढे दिखाने के लिए सड़क पर धरने पर बैठी हैं।
नगर सरकार को जनता की फिक्र नहीं
उन्होंने आरोप लगाया कि नगर सरकार को जनता की फिक्र नहीं है। यही कारण है कि बार-बार प्रदर्शन करने के बाद भी सड़क का निर्माण नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि नगर सरकार सड़क के गड्ढों की अनदेखी कर रही है। ये प्रारंभिक विरोध प्रदर्शन है, यदि 10 दिन में सड़क निर्माण शुरू नहीं किया गया, तो नगर निगम मुख्यालय में बड़ा आंदोलन होगा।
दो साल से खराब है सड़क
कॉलोनी के शशिभूषण राय ने बताया कि यह सड़क दो वर्ष से खराब है। जिससे आए दिन एक्सीडेंट होते हैं। बाइक से निकलने वाले अकसर गिरकर चोटिल हो जाते हैं। वहीं सड़क से उड़ने वाली धूल से लोग परेशान हैं। निगम हर सुविधा पर टैक्स तो लेता है, फिर सुविधा देने में पीछे क्यों है।
कॉलोनी से सबसे ज्यादा टैक्स जाता है
कॉलोनी के निवासी मुकेश राय ने बताया कि यहां पर स्थिति सबसे खराब है। यह ग्वालियर की सबसे पॉश कॉलोनी है और यहां से सबसे ज्यादा टैक्स जाता है। उसके बाद सड़क की स्थिति सबसे बेकार है दो साल से। सबसे खराब स्थिति है तो कम से कम प्रशासन से यह निवेदन है कि जल्दी से जल्दी इसका निराकरण करें और अच्छी से अच्छी सड़क बनाएं।