कुकड़ेश्वर। नगर में गौ सेवकों द्वारा एक सराहनीय एवं प्रेरणादायक सामाजिक पहल की जा रही है। लंबे समय से बजरंग दल व विहिप के ऊर्जावान कार्यकर्ता नगर में विचरण कर रहे पशुधन की देखरेख कर रहे हैं। ये कार्यकर्ता समय पर भोजन न मिलने, चोट लगने या किसी बीमारी से ग्रसित पशुओं की सूचना तुरंत पशु चिकित्सकों एवं नगर परिषद को देकर उनका इलाज सुनिश्चित कराते हैं।
अब इन गौ सेवकों ने सेवा कार्य को एक कदम और आगे बढ़ाते हुए नई पहल शुरू की है। कुकड़ेश्वर एवं आसपास के क्षेत्र में किसी भी पशु के निधन के बाद उसकी मृत देह को लावारिस नहीं छोड़ा जाता, बल्कि विधि-विधान से उसका अंतिम संस्कार किया जाता है। नगर परिषद के सहयोग से जेसीबी मशीन द्वारा गड्ढा खुदवाकर उसमें नमक डालकर मृत पशु का विधिपूर्वक अंतिम क्रियाकर्म किया जा रहा है।
कुकड़ेश्वर प्रखंड के गौ रक्षा प्रमुख मिश्रीलाल खुंवार ने बताया कि प्रखंड के आठ खंडों में टीमें लगातार यह सेवा कार्य कर रही हैं और अब तक 125 से अधिक पशुओं का विधि-विधान से अंतिम संस्कार किया जा चुका है। इस कार्य में पशु चिकित्सकों की टीम का भी पूरा सहयोग मिल रहा है।
सहायक पशु चिकित्सा अधिकारी महेंद्र कच्छावा के अनुसार, पशुधन की मृत्यु का मुख्य कारण प्लास्टिक खाना है। भूख लगने पर पशु प्लास्टिक की थैलियां व अन्य कचरा खा लेते हैं, जो उनके पेट में फंस जाता है और जानलेवा साबित होता है। उन्होंने कहा कि यदि मृत पशुओं का अंतिम संस्कार नहीं किया जाए तो उनसे बीमारियां फैलने का खतरा रहता है, इसलिए यह पहल पर्यावरण एवं स्वास्थ्य की दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।
इस सेवा कार्य में मिश्रीलाल खुंवार, मनीष गोडाल, टीनू मालवीय, गोवर्धन गुर्जर, शेलु खुंवार, बबलू बैरागी, कृष्णपाल मोकड़ी, शुभम मोदी, राहुल भियाजा, गोपाल मीणा, गट्टू तंबोली, महावीर सिसोदिया सहित कई गौ सेवक सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
मुख्य नगर पालिका अधिकारी के.एल. परमार ने बताया कि नगर परिषद द्वारा जेसीबी मशीन उपलब्ध कराकर इस कार्य में सहयोग किया जा रहा है। फिलहाल कोई स्थायी स्थान निर्धारित नहीं है, लेकिन ट्रेंचिंग ग्राउंड व सार्वजनिक मुक्तिधाम के समीप यह कार्य किया जा रहा है।
कुकड़ेश्वर में गौ सेवकों की यह पहल न केवल पशु सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण है, बल्कि समाज के लिए एक प्रेरणा भी बन रही है।