मंदसौर। गांधीसागर जलाशय क्षेत्र में अवैध रूप से मछली शिकार करने वालों के खिलाफ पुलिस, वन एवं राजस्व विभाग ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
जानकारी के अनुसार जलाशय के बैकवॉटर क्षेत्र- गरोठ, बसई, संजीत, रामपुरा और चचोर में लंबे समय से मछली माफिया सक्रिय थे। ठेका निरस्त होने के बावजूद बाहरी लोग करंट का उपयोग कर बड़े पैमाने पर मछलियों का अवैध शिकार कर रहे थे।
सूचना मिलने पर टीम ने संजीत क्षेत्र के ग्राम मगरा में दबिश दी, जहां बिना लाइसेंस मछली शिकार का मामला सामने आया। मौके से करंट लगाने के उपकरण भी बरामद किए गए।
पश्चिम बंगाल के तीन आरोपी गिरफ्तार
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुकांत सरकार, सुजान विश्वास और देवव्रत विश्वास के रूप में हुई है। पूछताछ में इनके पास मत्स्याखेट का कोई वैध लाइसेंस नहीं मिला। पुलिस ने आरोपियों के ठिकाने से 4 बैटरियां, 3 यूपीएस/इन्वर्टर, विद्युत तार सहित अन्य उपकरण जब्त किए हैं।
प्राथमिक जांच में सामने आया कि किराए के कमरे से अंडरग्राउंड वायरिंग के जरिए नदी में करंट प्रवाहित कर मछलियों का शिकार किया जाता था।
पर्यावरण को नुकसान
करंट से शिकार के कारण न केवल बड़ी संख्या में मछलियों की मौत हो रही थी, बल्कि अन्य जलीय जीव भी इसकी चपेट में आ रहे थे, जिससे जल पारिस्थितिकी तंत्र को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है। पुलिस ने मामले में प्रकरण दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।