चित्तौड़गढ़। जिले के 17 पुलिस थानों में विभिन्न एनडीपीएस प्रकरणों में जब्त किए गए अवैध मादक पदार्थों को न्यायालयीन प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद शुक्रवार को जिला औषधि व्ययन समिति द्वारा नष्ट किया गया। पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह की मौजूदगी में थाना शंभूपुरा के सावा स्थित अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट की किल्न में 66 क्विंटल से अधिक डोडाचूरा, गांजा, स्मैक एवं एमडीएमए जलाकर नष्ट किया गया। नष्ट किए गए मादक पदार्थों की अंतरराष्ट्रीय अनुमानित कीमत करीब 11 करोड़ रुपये आंकी गई है।
पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि जिले के विभिन्न थानों के मालखानों में एनडीपीएस मामलों में जब्त मादक पदार्थों की बड़ी मात्रा जमा थी। मालखानों में स्थान की समस्या को देखते हुए नियमानुसार प्रस्ताव तैयार कर न्यायालयीन स्वीकृति प्राप्त की गई और निस्तारण की कार्रवाई की गई।
कार्रवाई के दौरान पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकुल शर्मा, डीएसपी विनोद कुमार, पुलिस निरीक्षक जोधाराम, थानाधिकारी धर्मराज सहित संबंधित 17 थानों के अधिकारी, मालखाना प्रभारी एवं नॉन-एसआर शाखा के कर्मचारी मौजूद रहे। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए पूरी प्रक्रिया की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी भी कराई गई।
पुलिस के अनुसार 48 प्रकरणों में जब्त मादक पदार्थों में 65 क्विंटल 76 किलो 537 ग्राम डोडाचूरा, 34 किलो 748 ग्राम गांजा, 996 ग्राम एमडीएमए तथा 135 ग्राम स्मैक शामिल थी। सभी मादक पदार्थों को जिला औषधि व्ययन समिति की निगरानी में अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट की भट्ठी में नष्ट किया गया।
यह कार्रवाई जिले में नशे के कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।