मनासा। कुकड़ेश्वर थाना क्षेत्र के ग्राम सेमली आंतरी में हुए दर्दनाक हादसे ने पूरे क्षेत्र को गमगीन कर दिया। रविवार को जब पिता और पुत्र की चिताएं एक साथ जलीं तो वहां मौजूद हर आंख नम हो गई। गांव की गलियां सूनी हो गईं और माहौल ऐसा था कि हर व्यक्ति की जुबान पर बस यही बात थी कि ऐसा दुख किसी परिवार पर न आए।
जानकारी के अनुसार ग्राम सेमली आंतरी निवासी दशरथ सिंह चंद्रावत (40) एवं उनके पुत्र पवन उर्फ लखन सिंह चंद्रावत (20) शुक्रवार शाम खेत पर खरबूजे की फसल का कार्य करने के बाद घर लौट रहे थे। दिनभर की भीषण गर्मी के चलते दोनों ने रास्ते में नदी में नहाने का निर्णय लिया।
बताया जाता है कि पुत्र पवन बिना पानी की गहराई का अंदाजा लगाए नदी में उतर गया और डूबने लगा। बेटे को बचाने के लिए पिता दशरथ सिंह भी तत्काल नदी में कूद पड़े, लेकिन तेज बहाव और गहरे पानी के कारण दोनों नदी की लहरों में समा गए।
पिता का शव तुरंत मिला, बेटे की तीन दिन तक तलाश-
घटना की सूचना मिलने पर कुकड़ेश्वर थाना पुलिस एवं एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। रेस्क्यू अभियान के दौरान पिता दशरथ सिंह का शव उसी दिन बरामद कर लिया गया, जबकि पवन उर्फ लखन सिंह का कोई पता नहीं चल सका।
शनिवार को भी पूरे दिन एसडीआरएफ टीम ने तलाश अभियान चलाया, लेकिन सफलता नहीं मिली। आखिरकार रविवार सुबह युवक का शव नदी में ऊपर आ गया, जिसके बाद पुलिस ने उसे बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए मनासा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भिजवाया।
अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब-
पोस्टमार्टम के बाद दोनों शव परिजनों को सौंप दिए गए। जब पिता-पुत्र की अर्थियां एक साथ घर से निकलीं तो पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। अंतिम संस्कार के दौरान मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। एक ही परिवार के दो सदस्यों की असमय मौत ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया।
परिवार का इकलौता बेटा था पवन
पवन उर्फ लखन सिंह कॉलेज में द्वितीय वर्ष का छात्र था और पढ़ाई में होनहार माना जाता था। वह परिवार का इकलौता बेटा था। उसकी एक छोटी बहन है, जो वर्तमान में अध्ययनरत है। दशरथ सिंह खेती-किसानी कर परिवार का पालन-पोषण करते थे। परिवार में अब वृद्ध पिता ईश्वर सिंह, बहू और पोती ही शेष रह गए हैं। इस हादसे ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।