चित्तौड़गढ़। विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, निम्बाहेड़ा के मेडिकल प्रभाग द्वारा विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान लोगों को तंबाकू, गुटखा, शराब एवं अन्य नशों के दुष्परिणामों से अवगत कराते हुए नशामुक्त जीवन अपनाने का संदेश दिया गया।
सेवा केंद्र प्रभारी बीके शिवली दीदी ने कहा कि व्यसन व्यक्ति के तन, मन, धन और सामाजिक संबंधों को नष्ट कर देता है। उन्होंने बताया कि जब कोई व्यक्ति तंबाकू, गुटखा या शराब जैसी बुरी आदतों का शिकार हो जाता है, तो वह धीरे-धीरे इनका इतना आदी हो जाता है कि उन्हें प्राप्त करने के लिए गलत रास्ते अपनाने से भी नहीं हिचकता। इसका सीधा प्रभाव परिवार की सुख-शांति और आपसी संबंधों पर पड़ता है।
बीके शिवली दीदी ने बताया कि ब्रह्माकुमारी संस्था द्वारा समय-समय पर नशामुक्ति अभियान चलाए जाते हैं। इसी क्रम में निम्बाहेड़ा क्षेत्र के विभिन्न गांवों में जाकर भाई-बहनों को नशे के दुष्परिणामों की जानकारी दी गई तथा व्यसनमुक्ति के लिए जागरूक किया गया।
उन्होंने कहा कि राजयोग साधना के माध्यम से व्यक्ति अपनी इंद्रियों पर नियंत्रण प्राप्त कर सकता है और नशे जैसी बुरी आदतों से मुक्ति पा सकता है। ब्रह्माकुमारी संस्था से जुड़कर अनेक लोगों ने तंबाकू, गुटखा और अन्य व्यसनों को छोड़कर सकारात्मक जीवन की शुरुआत की है। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों को नशामुक्त जीवन जीने की शपथ दिलाई गई तथा जनजागरूकता के लिए नारे भी लगवाए गए।