भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार मंगलवार को दो किस्तों में 1800 करोड़ रुपए का कर्ज बाजार से लेगी। सरकार ने दो अलग-अलग राज्य विकास ऋण (State Government Securities) के रि-इश्यू का नोटिफिकेशन किया है।
इस 1800 करोड़ रुपए के कर्ज के बाद राज्य सरकार पर चालू वित्त वर्ष में 11 हजार करोड़ का कर्ज हो जाएगा। उधर, नए कर्ज के साथ राज्य सरकार पर कुल कर्ज 4 लाख 99 हजार 714 करोड़ रुपए हो जाएगा।
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के जरिए बाजार से लिए जाने वाले ऋण की पहली किस्त सरकार 7.86 प्रतिशत ब्याज दर पर लेगी। यह राशि 1200 करोड़ रुपए होगी। जिसका ब्याज सरकार 2042 तक चुकाएगी।
इसी तरह 7.90 प्रतिशत ब्याज दर पर तीस साल तक यानी वर्ष 2056 तक के लिए ब्याज चुकाकर सरकार 600 करोड़ रुपए का कर्ज लेगी। सरकार ने कहा कि कर्ज से मिली राशि का उपयोग प्रदेश में उत्पादक विकास कार्यक्रमों और परियोजनाओं में किया जाएगा। केंद्र सरकार ने संविधान के अनुच्छेद 293(3) के तहत इस ऋण के लिए अपनी सहमति दे दी है।
कर्ज के लिए होने वाली नीलामी आरबीआई के ई-कुबेर (E-Kuber) प्लेटफॉर्म के माध्यम से होगी, जिसका भुगतान सरकार को 10 जून मिलेगा। वित्त विभाग के अनुसार 7.86 प्रतिशत ब्याज वाली 1200 करोड़ के कर्ज की सिक्योरटी की अवधि 16 वर्ष है और इसका भुगतान 15 अप्रैल 2042 तक हर 6 माह में होगा। वहीं, 7.90 प्रतिशत ब्याज पर लिए जा रहे 600 करोड़ के कर्ज वाली सिक्योरिटी 30 वर्ष की अवधि की है, जिसका भुगतान 15 अप्रैल 2056 तक हर छह माह में किया जाएगा।
इस वित्त वर्ष में अप्रैल से ही कर्ज लेना शुरू कर दिया था। इससे पहले के वर्षों में आमतौर पर मई से कर्ज उठाने की प्रक्रिया शुरू होती थी।