नीमच। पारिवारिक संपत्ति विवाद का एक गंभीर मामला मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय की जनसुनवाई में पहुंचा। जावद निवासी दो बहनों गुड्डी खटिक और किरणबाला खटिक ने जिला कलेक्टर को आवेदन सौंपकर आरोप लगाया कि उनके दिवंगत मामाओं की संपत्ति पर फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
आवेदन में बताया गया कि उनके दिवंगत मामा मोहनलाल खटिक और नारायण खटिक की कोई संतान नहीं थी। परिवार के अनुसार, दोनों की देखभाल तथा उनकी संपत्तियों का संरक्षण वर्षों तक उनके पिता स्वर्गीय शिवलाल खटिक द्वारा किया गया था। इसके बावजूद अब बाहरी लोगों द्वारा संपत्ति पर दावा किया जा रहा है।
पीड़िताओं ने आरोप लगाया कि जावद के एक पार्षद ने कथित रूप से फर्जी वसीयत तैयार कर मकान, बाड़े और कृषि भूमि पर अधिकार जताने का प्रयास किया। उनका कहना है कि संबंधित वसीयत को नामांतरण प्रकरण में न्यायालय ने स्वीकार नहीं किया और दावा निरस्त कर दिया था।
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि एक महिला ने स्वयं को मृतक की पत्नी बताते हुए संपत्ति पर दावा किया, लेकिन न्यायालय ने पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर उसका दावा भी खारिज कर दिया।
बहनों का आरोप है कि संपत्ति पर कब्जा करने के प्रयासों के साथ उन्हें लगातार डराया-धमकाया जा रहा है तथा झूठे मामलों में फंसाने की धमकियां दी जा रही हैं। उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर न्याय दिलाने की मांग की है। अब इस मामले में प्रशासनिक स्तर पर जांच और आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।