देवास। मां और शिशु के सुरक्षित भविष्य की दिशा में एक दशक का सफर तय कर चुके प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के 10 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आज जिला चिकित्सालय के मेटरनिटी वार्ड में एक विशेष स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में जिले के दूर-दराज क्षेत्रों के साथ शहर की गर्भवती महिलाएं बड़ी संख्या में पहुंचीं, जहां उन्हें विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा जांच, परामर्श और आवश्यक उपचार प्रदान किया गया।
शिविर का माहौल केवल चिकित्सा सेवाओं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यहां हर आने वाली महिला के चेहरे पर भरोसे और सुकून की झलक भी साफ दिखाई दी। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पूरी संवेदनशीलता और समर्पण के साथ प्रत्येक महिला की जांच की, जिससे उन्हें सुरक्षित प्रसव और बेहतर स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया जा सके।
इस पहल के माध्यम से हाई-रिस्क गर्भावस्थाओं की पहचान कर समय रहते उचित उपचार सुनिश्चित किया जा रहा है, जिससे मातृ और शिशु मृत्यु दर में लगातार कमी आ रही है। अभियान ने बीते 10 वर्षों में लाखों माताओं को सुरक्षित मातृत्व का विश्वास दिया है, जो आज एक मजबूत और सकारात्मक स्वास्थ्य व्यवस्था की तस्वीर पेश करता है।
शिविर में उपस्थित महिलाओं ने भी इस व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि उन्हें निःशुल्क जांच और विशेषज्ञ सलाह मिलना एक बड़ी राहत है। कई महिलाओं ने बताया कि इस तरह के आयोजनों से उन्हें समय पर इलाज और जरूरी जानकारी मिल पाती है, जिससे वे अपने और अपने बच्चे के स्वास्थ्य को लेकर अधिक सजग हो सकें।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि भविष्य में भी इस तरह के शिविर नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे, ताकि हर गर्भवती महिला तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंच सकें और “सुरक्षित मातृत्व” का संकल्प और मजबूत हो सके।