नीमच। मनासा तहसील के ग्राम फुलपुरा स्थित आस्था के प्रमुख केंद्र देवनारायण मंदिर की व्यवस्थाओं को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी देखने को मिली। मंगलवार को बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा और मंदिर के वर्तमान पुजारी को पद से हटाने की मांग की।
ग्रामीणों द्वारा दिए गए आवेदन में आरोप लगाया गया है कि शासन द्वारा नियुक्त पुजारी पिछले लगभग 11 माह से नियमित रूप से मंदिर में पूजा-अर्चना नहीं कर रहा है। इसके चलते श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएं प्रभावित हो रही हैं और मंदिर की व्यवस्थाएं भी प्रभावित हो रही हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि मंदिर में दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं के साथ पुजारी द्वारा अभद्र व्यवहार किया जाता है। महिलाओं के प्रति अनुचित भाषा और अशोभनीय आचरण करने के भी आरोप आवेदन में लगाए गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस प्रकार की गतिविधियां मंदिर की गरिमा और धार्मिक वातावरण को प्रभावित कर रही हैं।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि संबंधित पुजारी के विरुद्ध थाना कुकड़ेश्वर में आपराधिक प्रकरण दर्ज बताए जा रहे हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि वह शराब और जुए जैसी गतिविधियों में भी संलिप्त रहता है, जिससे मंदिर की पवित्रता और सामाजिक सौहार्द प्रभावित हो रहा है।
ग्रामीणों ने प्रशासन को बताया कि देवनारायण मंदिर गुर्जर, गायरी सहित क्षेत्र के अनेक समाजों और श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। ऐसे में मंदिर की प्रतिष्ठा बनाए रखने तथा धार्मिक गतिविधियों के सुचारू संचालन के लिए योग्य, धार्मिक प्रवृत्ति एवं सदाचारी व्यक्ति की नियुक्ति आवश्यक है।
ग्रामीणों ने मंदिर से जुड़ी शासकीय भूमि एवं संपत्तियों के संरक्षण को लेकर भी चिंता जताई। उनका कहना है कि मंदिर की संपत्तियों की सुरक्षा और पारदर्शी प्रबंधन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
ग्रामीणों ने कलेक्टर से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा आरोप सही पाए जाने पर संबंधित पुजारी को पद से हटाकर मंदिर में नई नियुक्ति करने की मांग की है।