मंदसौर। राष्ट्रीय वाहक जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत जुलाई माह में संचालित डेंगू निरोधक माह के अंतर्गत ग्राम अरनिया जटिया में ग्राम चौपाल एवं जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में ग्रामीणों को डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया एवं अन्य वाहक जनित रोगों से बचाव संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई।
मुख्य वक्ता जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. दीपा पाठक ने कहा कि डेंगू एक गंभीर लेकिन पूर्णतः रोकथाम योग्य बीमारी है। इसके नियंत्रण के लिए समुदाय की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने ग्रामीणों से घरों एवं आसपास पानी जमा नहीं होने देने, कूलर, टंकियों, गमलों तथा अनुपयोगी पात्रों की नियमित सफाई करने तथा बुखार होने पर तत्काल स्वास्थ्य संस्थान में जांच कराने की अपील की। उन्होंने कहा कि समय पर पहचान एवं उपचार से डेंगू एवं मलेरिया जैसी बीमारियों से होने वाली जटिलताओं को रोका जा सकता है।
मलेरिया निरीक्षक आर.डी. बैरागी ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा लार्वा सर्वे, स्रोत नष्टीकरण, जनजागरूकता अभियान, समूह चर्चा एवं प्रदर्शनियों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। उन्होंने ग्रामीणों से सप्ताह में एक दिन ‘ड्राई डे’ मनाकर घरों में पानी संग्रहित पात्रों को खाली एवं साफ करने का आग्रह किया।
ग्राम पंचायत अरनिया जटिया की सरपंच रेखाबाई देवकिशन जाटव ने कहा कि ग्राम पंचायत, स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर स्वच्छ एवं स्वस्थ ग्राम के निर्माण के लिए सतत कार्य करेगी। उन्होंने ग्रामीणों से स्वच्छता बनाए रखने तथा डेंगू एवं मलेरिया नियंत्रण गतिविधियों में सक्रिय सहयोग देने की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को डेंगू के लक्षण, बचाव के उपाय, मच्छरों की उत्पत्ति रोकने के तरीके तथा स्वास्थ्य विभाग द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, आशा एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, ग्राम पंचायत प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।