नीमच। जिले में संचालित सभी स्कूल बसों एवं स्कूली वाहनों के चालकों और परिचालकों का पुलिस चरित्र सत्यापन अनिवार्य रूप से कराने के निर्देश दिए गए हैं। जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया। निर्धारित समय सीमा में सत्यापन नहीं कराने पर संबंधित स्कूल संचालकों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
सोमवार को कलेक्टर हिमांशु चंद्रा एवं सीईओ जिला पंचायत अमन वैष्णव की अध्यक्षता में आयोजित जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में पुलिस अधीक्षक राजेश व्यास, यातायात थाना प्रभारी निरीक्षक सोनू बड़गुर्जर सहित समिति के सदस्य उपस्थित रहे।
बैठक में निर्देश दिए गए कि जिले के सभी स्कूल संचालक अपनी बसों एवं अन्य स्कूली वाहनों के चालकों और परिचालकों का संबंधित थाने से पुलिस चरित्र सत्यापन कराकर सात दिवस के भीतर उसकी प्रति यातायात थाना, नीमच में जमा कराना सुनिश्चित करें। साथ ही वाहनों से संबंधित समस्त दस्तावेजों एवं चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस की सूची भी जमा करानी होगी।
निर्देशों के अनुसार, आकस्मिक जांच के दौरान यदि किसी चालक या परिचालक का चरित्र सत्यापन नहीं पाया जाता है तो संबंधित स्कूल प्रबंधन के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। भविष्य में भी चरित्र सत्यापन के उपरांत ही किसी चालक या परिचालक को स्कूल बस में नियुक्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में बताया गया कि प्रदेश में पूर्व में स्कूली बस स्टाफ द्वारा बच्चों के साथ अपराध की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। ऐसे मामलों में स्कूल प्रबंधन की जवाबदेही भी तय की जाएगी। यदि किसी चालक या परिचालक का आपराधिक रिकॉर्ड सामने आता है, तो उसे स्कूल बस में नियुक्त नहीं किया जाएगा।
जिला प्रशासन ने स्कूल संचालकों को माननीय सर्वाेच्च न्यायालय द्वारा जारी स्कूल बस संचालन संबंधी गाइडलाइन का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत स्कूल बस का रंग पीला होना, उस पर ष्स्कूल बसष् अंकित होना, स्पीड गवर्नर, फर्स्ट एड बॉक्स, अग्निशामक यंत्र, इमरजेंसी डोर, प्रशिक्षित अटेंडेंट, वैध फिटनेस प्रमाण-पत्र एवं परमिट सहित सभी सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य है। इसके अलावा सीट क्षमता से अधिक बच्चों को नहीं बैठाने तथा बच्चों के चढ़ने-उतरने के दौरान विशेष सावधानी बरतने के भी निर्देश दिए गए हैं।
जिला प्रशासन ने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे अपने नाबालिग बच्चों को वाहन चलाने के लिए न दें तथा यातायात नियमों का पालन करें। वहीं स्कूल संचालकों से विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए निर्धारित सभी सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया है।