शाजापुर। शहर के मुख्य मार्गों से दिनदहाड़े तेज रफ्तार और ओवरलोड रेत से भरे डम्फरों की आवाजाही आमजन के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही है। भारी वाहनों की बेकाबू रफ्तार के कारण कभी भी बड़ा और दर्दनाक सड़क हादसा हो सकता है। इसे लेकर शहरवासियों में भय और आक्रोश का माहौल है।
शहर के घनी आबादी वाले क्षेत्रों और प्रमुख मार्गों से गुजरने वाले ये डम्फर क्षमता से अधिक रेत भरकर तेज गति से दौड़ रहे हैं, जिससे न केवल यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है, बल्कि राहगीरों की जान भी जोखिम में पड़ रही है। ओवरलोड वाहनों के कारण सड़कों को भी नुकसान पहुंच रहा है और उड़ती धूल से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय नागरिकों और दुकानदारों का कहना है कि इस संबंध में कई बार प्रशासन और यातायात पुलिस से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से डम्फर चालकों के हौसले बुलंद हैं। स्कूल आने-जाने वाले बच्चों, बुजुर्गों और दोपहिया वाहन चालकों के लिए इन मार्गों से गुजरना किसी जोखिम से कम नहीं है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि समय रहते परिवहन विभाग और यातायात पुलिस द्वारा ओवरलोड और तेज रफ्तार डम्फरों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, तो शहर में कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
नागरिकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि शहर की सीमा के भीतर दिन के समय भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया जाए तथा नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों एवं संचालकों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि आमजन की सुरक्षा बनी रहे।