मंदसौर। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं क्षेत्रीय विधायक जगदीश देवड़ा के विधानसभा क्षेत्र मल्हारगढ़ के पिपलियामंडी थाना क्षेत्र से एक विधवा महिला द्वारा न्याय एवं सुरक्षा की गुहार लगाए जाने का मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत बोतलगंज निवासी शकीला बी ने अपने पति की मृत्यु के बाद लगातार प्रताड़ित किए जाने तथा करीब 20 वर्षों से जिस जमीन पर खेती कर परिवार का पालन-पोषण किया, उससे बेदखल करने के प्रयास के आरोप लगाए हैं।
पीड़िता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, जिला पुलिस अधीक्षक सहित स्थानीय पुलिस प्रशासन को आवेदन देकर मामले में निष्पक्ष जांच, सुरक्षा और न्याय की मांग की है। महिला के अनुसार उसके पति का करीब छह माह पूर्व निधन हुआ था। इसके बाद से ही उसे कथित रूप से लगातार परेशान किया जा रहा है।
खेती करने से रोकने और फसल पर अधिकार जताने का आरोप-
महिला का कहना है कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से अपने पति के साथ खेती-किसानी कर परिवार का भरण-पोषण करती रही है। आरोप है कि पति की मृत्यु के बाद दूसरे पक्ष ने खेत पर अधिकार जताते हुए उसे खेती करने से रोकने का प्रयास किया तथा उसके हिस्से की फसल ले जाने की कोशिश की।
महिला द्वारा दिए गए आवेदन के अनुसार, 28 जून 2026 को वह अपने हिस्से की भूमि पर ट्रैक्टर से जुताई कराने पहुंची थी। आरोप है कि इसी दौरान कुछ लोग मौके पर पहुंचे और उसके साथ गाली-गलौज एवं धक्का-मुक्की की। साथ ही ट्रैक्टर चालक को वहां से भगा दिया गया। महिला का आरोप है कि उसे खेत में फसल बोने से रोकते हुए जान से मारने की धमकी भी दी गई।
घर में घुसकर मारपीट का भी लगाया आरोप-
आवेदन में महिला ने आरोप लगाया कि 2 जुलाई 2026 को कुछ लोग उसके घर में घुसे और उसके साथ गाली-गलौज एवं मारपीट की। साथ ही उसे गांव और खेत छोड़कर चले जाने की धमकी दी गई। महिला का दावा है कि घटनाक्रम से जुड़ी कुछ गतिविधियां घर में लगे सीसीटीवी कैमरों में भी रिकॉर्ड हुई हैं।
सुरक्षा और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग-
पीड़िता का कहना है कि पुलिस स्तर पर कार्रवाई के बावजूद कथित रूप से उसे लगातार परेशान किया जा रहा है। उसने अपनी जान को खतरा बताते हुए शासन-प्रशासन से सुरक्षा उपलब्ध कराने तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है।
मामला मल्हारगढ़ विधानसभा क्षेत्र के पिपलियामंडी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत बोतलगंज का बताया जा रहा है। अब पुलिस जांच और प्रशासनिक कार्रवाई के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।