नीमच। नवम राष्ट्रीय पोषण माह के अंतर्गत आयुष विभाग द्वारा जिले के विभिन्न ग्रामों एवं आंगनवाड़ी केंद्रों पर निःशुल्क आयुर्वेद चिकित्सा एवं पोषण जागरूकता शिविर आयोजित किए गए। शिविरों में बच्चों, किशोरी बालिकाओं, गर्भवती महिलाओं एवं धात्री माताओं का स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यकतानुसार चिकित्सकीय परामर्श दिया गया तथा निःशुल्क आयुर्वेदिक औषधियों का वितरण किया गया।
ग्राम अरनिया कुमार में शासकीय आयुर्वेद औषधालय बगाना द्वारा आयोजित शिविर में आंगनवाड़ी एवं प्राथमिक विद्यालय के बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार किया गया। बच्चों को संतुलित आहार, पोषण, दिनचर्या, ऋतुचर्या, योग तथा मौसमी बीमारियों से बचाव के संबंध में जानकारी दी गई। शिविर में 47 हितग्राही लाभान्वित हुए।
इसी क्रम में मनासा स्थित आंगनवाड़ी केंद्र क्रमांक-1 में शासकीय आयुर्वेदिक औषधालय मनासा द्वारा शिविर आयोजित किया गया। यहां किशोरी बालिकाओं, गर्भवती महिलाओं एवं स्तनपान कराने वाली माताओं को आहार में विविधता तथा प्रोटीनयुक्त खाद्य पदार्थों के महत्व की जानकारी दी गई। विभिन्न रोगों से संबंधित मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर चिकित्सकीय परामर्श एवं आवश्यकतानुसार निःशुल्क आयुर्वेदिक औषधियां वितरित की गईं। शिविर में 35 हितग्राही लाभान्वित हुए।
उचेड के आंगनवाड़ी केंद्र क्रमांक-2 में शासकीय आयुर्वेदिक औषधालय पिपल्या रावजी द्वारा पोषण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें 28 हितग्राहियों को संतुलित एवं विविध आहार तथा प्रोटीनयुक्त खाद्य पदार्थों के महत्व की जानकारी दी गई। स्थानीय स्तर पर उपलब्ध दाल, चना, मूंग, सोयाबीन, दूध-दही एवं मूंगफली जैसे पौष्टिक खाद्य पदार्थों को दैनिक आहार में शामिल करने के लिए प्रेरित किया गया।
वहीं आयुष्मान आरोग्य मंदिर थडोद द्वारा आंगनवाड़ी केंद्र बनेडिया में आयोजित शिविर में गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं एवं बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इस दौरान ज्वार, बाजरा, चना, रागी, कोदो एवं सांवा जैसे मोटे अनाज को दैनिक आहार में शामिल करने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही मलेरिया एवं डेंगू से बचाव, स्वच्छता तथा योग के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के संबंध में जागरूक किया गया। शिविर में 40 हितग्राही लाभान्वित हुए।
इन शिविरों के माध्यम से आयुर्वेद चिकित्सकों एवं विभागीय अमले ने पोषण, संतुलित आहार, स्वास्थ्य, स्वच्छता, योग तथा मौसमी बीमारियों से बचाव के प्रति आमजन को जागरूक किया। कार्यक्रमों में आयुष विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं, शिक्षकों तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने आवश्यक सहयोग प्रदान किया।