खरगोन। जिला मुख्यालय स्थित न्यायालय परिसर में शनिवार को नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। लोक अदालत में वादी और प्रतिवादी पक्ष ने आपसी सहमति से समझौता कर लंबे समय से लंबित मामलों के निराकरण की दिशा में कदम बढ़ाया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तहसील अध्यक्ष एवं न्यायाधीश राजकुमार यादव ने बताया कि नेशनल लोक अदालत के लिए 7 खंडपीठों का गठन किया गया था। इनमें कुल 525 लंबित प्रकरण और 5,520 प्री-लिटिगेशन प्रकरण समझौते के लिए रखे गए।
लोक अदालत में दीवानी विवाद, चेक बाउंस, मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण, श्रम विवाद, बिजली-पानी के बिल, वैवाहिक विवाद और भूमि संबंधी मामलों सहित विभिन्न प्रकरणों की सुनवाई की गई। पक्षकारों ने न्यायाधीशों और अधिवक्ताओं की मौजूदगी में आपसी सहमति और मध्यस्थता के माध्यम से विवादों का समाधान करने का प्रयास किया।
सस्ता और सुलभ न्याय दिलाने का माध्यम
नेशनल लोक अदालत का उद्देश्य आम लोगों को सरल, सस्ता और त्वरित न्याय उपलब्ध कराना है। इसके माध्यम से पक्षकार आपसी सहमति से विवादों का निराकरण कर लंबे समय तक चलने वाली न्यायिक प्रक्रिया से बच सकते हैं।
आयोजन को न्याय व्यवस्था पर लंबित मामलों के बोझ को कम करने और पक्षकारों को आपसी सौहार्द के साथ विवाद सुलझाने का प्रभावी माध्यम बताया गया। अधिकारियों के अनुसार लोक अदालत की पहल से आम लोगों को समय और अतिरिक्त खर्च बचाने के साथ विवादों के समाधान का अवसर मिलता है।