इंदौर। महात्मा गांधी मेमोरियल (एमजीएम) मेडिकल कॉलेज, इंदौर में अनिवार्य बॉण्ड सेवा के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में पोस्टिंग की मेरिट में अंकों की गड़बड़ी सामने आई है। 19 छात्रों के वास्तविक अंकों और मेरिट में दर्ज अंकों में अंतर मिला है। इनमें दो छात्रों के 500-500 अंक ज्यादा दर्ज हैं। ज्यादा अंक होने से मेरिट में उनकी स्थिति बेहतर हुई और इसी मेरिट के आधार पर ग्रामीण क्षेत्रों में पोस्टिंग आवंटित की गई।
गड़बड़ी की शुरुआत मार्च में हुई। इंटर्नशिप कम्प्लीशन सर्टिफिकेट के लिए कॉलेज ने छात्रों से गूगल फॉर्म में अपने अंक भरवाए थे। छात्रों का आरोप है कि कुछ ने मूल अंकसूची में दर्ज अंकों के बजाय ज्यादा अंक भर दिए। कॉलेज ने इन अंकों का मूल अंकसूचियों से मिलान किए बिना डेटा आगे भेज दिया। इसके बाद चिकित्सा शिक्षा संचालनालय (डीएमई) के स्तर पर भी मेरिट बनाने से पहले अंकों का सत्यापन नहीं किया गया।
गूगल फॉर्म में छात्रों के खुद दर्ज किए अंक ही बॉण्ड पोस्टिंग की मेरिट का आधार बन गए। इन्हीं से रैंक तय हुई और फिर ग्रामीण क्षेत्रों में पोस्टिंग आवंटित कर दी गई। एमजीएम मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया ने कहा कि इस संबंध में जानकारी मिली है और मामले की जांच की जा रही है।
वास्तविक अंक 2255, फॉर्म में 2755
रिकॉर्ड के अनुसार अनुज यादव के वास्तविक अंक 2255 हैं, जबकि दर्ज अंक 2755 हैं। इसी तरह योगेंद्र के 2441 के बजाय 2941 अंक दर्ज किए गए। दोनों के मामलों में 500-500 अंकों का अंतर है। आर्यन के 2477 के बजाय 2956, लोकेन्द्र राजे के 2424 के बजाय 2800, देवांश के 2518 के बजाय 2867 और सीमा के 2589 के बजाय 2910 अंक दर्ज किए गए। इन बढ़े हुए अंकों का असर मेरिट में दिखा। आर्यन जैन 44वें, योगेंद्र 55वें और सीमा 100वें क्रम पर रहे। वहीं देवांश जायसवाल 163वें, लोकेन्द्र राजे 319वें और अनुज यादव 484वें क्रम पर रहे।
इन्हीं अंकों से हुई है पोस्टिंग
बॉण्ड पोस्टिंग आदेश में भी इन छात्रों के नाम शामिल हैं। आर्यन जैन को नीमच, योगेंद्र को राजगढ़ के पीएचसी मालावर, सीमा अहिरवार को विदिशा के सीएचसी कुरवाई और अनुज यादव को टीकमगढ़ के सीएचसी बड़ागांव में पोस्टिंग मिली। देवांश जायसवाल को नीमच और लोकेन्द्र राजे को ग्वालियर के सीएचसी भितरवार में पदस्थ किया गया है।