भोपाल। मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग के 32वें स्थापना दिवस समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शामिल हुए। कार्यक्रम भोपाल स्थित आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी में हुआ। इसमें मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष एपी सिंह भी मौजूद रहे।
1995 में हुई थी मानव अधिकार आयोग की स्थापना
आयोग के अध्यक्ष एपी सिंह ने स्थापना दिवस पर सभी को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव हर क्षेत्र में मध्यप्रदेश को आगे ले जाना चाहते हैं। उनका विजन उन्होंने विधानसभा में भी देखा है।
उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग की स्थापना 1995 में हुई थी। हर साल 13 सितंबर को स्थापना दिवस का आयोजन किया जाता है। मानव जाति अपने अस्तित्व, जीवन की बुनियादी जरूरतों और स्वतंत्रता के प्रति शुरू से सजग रही है।
एपी सिंह ने कहा कि आजादी के बाद देश के संविधान में मानव अधिकारों को प्रस्तावना और मूल अधिकारों के रूप में महत्व दिया गया। इसमें कानून के सामने समानता और धर्म, जाति व वर्ग के आधार पर भेदभाव से अधिकारों की रक्षा का प्रावधान है।
मानवता की भावना से समान अधिकार जरूरीरू सीएम
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मानव योनि में जन्म लेना सौभाग्य की बात है। इससे हमें अपने कर्तव्य के रास्ते पर चलने की प्रेरणा मिलती है। दुनिया धीरे-धीरे भारत और उसकी विशेषताओं को समझ रही है। ऐसे समय में हमारा देश लोकतांत्रिक मूल्यों के आधार पर आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शासनकाल में जो कहा जाता है, उसे करके दिखाने का प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि मानवता की भावना के साथ सभी लोगों के लिए समान अधिकार के आधार पर काम करना ही मानव अधिकारों की भावना है।
काकोरी कांड का जिक्र, नक्सलवाद की चुनौतियां भी गिनाईं
मुख्यमंत्री ने काकोरी कांड का जिक्र करते हुए कहा कि आजादी के बाद भी अंग्रेजी शासन से जुड़े कुछ लोगों के नाम पर मार्ग बनाए गए। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के कारण देश की आजादी लज्जित और कलंकित हुई, उनका महिमामंडन नहीं होना चाहिए।
उन्होंने बालाघाट में नक्सलवाद से जुड़ी चुनौतियों का भी जिक्र किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज के सामने कई तरह की चुनौतियां हैं और मानव अधिकारों के नजरिए से ऐसे मामलों में कार्रवाई जरूरी है।
आयोग के काम की सराहना, निष्पक्ष कार्रवाई पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि मानव अधिकार आयोग की टीम अच्छा काम कर रही है। उन्होंने कहा कि वे पहले मुख्यमंत्री हैं, जो आयोग के कार्यक्रम में शामिल हुए हैं और आगे भी ऐसे कार्यक्रमों में आते रहेंगे।
उन्होंने आयोग से कहा कि वह अपनी गरिमा और संवेदना के साथ मानव अधिकारों के हनन से जुड़े मामलों में बिना किसी पक्षपात और भय के संवैधानिक दायित्व का निर्वहन करे।