सोनकच्छ/भौंरासा। बाबा भंवरनाथ की नगरी भौंरासा के श्री गणेश मोहल्ला स्थित गणेशधाम मंदिर में भगवान श्री गणेश की करीब 450 वर्ष पुरानी चेतन्य एवं स्वयंभू प्रतिमा विराजमान है।
मान्यता के अनुसार, वर्षों पहले जयपुर से प्रतिमा को बेलगाड़ी के जरिए बागली ले जाया जा रहा था। भौंरासा में रात्रि विश्राम के दौरान प्रतिमा मठ परिसर में स्वयं विराजमान हो गई। सुबह उसे बागली ले जाने का प्रयास किया गया, लेकिन प्रतिमा अपनी जगह से हिली तक नहीं। इसके बाद विधि-विधान से यहीं स्थापना की गई।
श्रद्धालुओं की मान्यता है कि भगवान सिद्ध विनायक के दर्शन एवं पूजा से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। विवाह एवं अन्य शुभ कार्यों से पहले यहां पहली पाती रखने की भी परंपरा है।
संतान प्राप्ति को लेकर भी विशेष आस्था
स्थानीय श्रद्धालुओं के अनुसार, संतान प्राप्ति की मन्नत लेकर दंपती यहां पूजा-अर्चना कर उल्टा स्वास्तिक बनाकर मन्नत मांगते हैं। मन्नत पूरी होने पर श्रद्धालु तुलादान कर आस्था व्यक्त करते हैं।
गणेश स्थापना पर विशेष आयोजन
गणेश स्थापना के अवसर पर महाआरती एवं विशेष पूजा होगी। भगवान श्री गणेश को सवा क्विंटल लड्डुओं का भोग लगाया जाएगा और विशेष गुलाब पुष्पमाला अर्पित की जाएगी।