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September 14, 2026, 6:27 pm
KHABAR : एनआरसी की समर्पित देखभाल से 18 माह के घनश्याम को मिला नया जीवन, गंभीर कुपोषण और एनीमिया पर पाई जीत, 15 दिन के उपचार के बाद वजन में सुधार, पढ़े खबर

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उज्जैन। सेवा-संकल्प अभियान के तहत ‘कहानी बदलाव की’ में उज्जैन के पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) से जुड़ी एक प्रेरणादायक सफलता सामने आई है। चरक भवन जिला अस्पताल, उज्जैन स्थित एनआरसी में चिकित्सकीय देखभाल, वैज्ञानिक पोषण प्रबंधन और नियमित फॉलोअप के माध्यम से ग्राम सुवासा निवासी 18 माह के बालक घनश्याम ने गंभीर कुपोषण एवं एनीमिया की स्थिति से उबरकर स्वस्थ जीवन की ओर कदम बढ़ाया।

घनश्याम, पिता जगदीश एवं माता राधा, को जिला अस्पताल की चाइल्ड ओपीडी में लाया गया था। जांच के दौरान वह गंभीर तीव्र कुपोषण (SAM) एवं गंभीर एनीमिया से पीड़ित पाया गया। उसकी स्थिति को देखते हुए तत्काल एनआरसी में भर्ती कर उपचार शुरू किया गया।

भर्ती के समय बेहद कम था वजन-
18 माह की उम्र में भर्ती के समय घनश्याम का वजन मात्र 4.840 किलोग्राम, लंबाई 66 सेंटीमीटर और बांह का घेरा (MUAC) 9 सेंटीमीटर था। वहीं उसका हीमोग्लोबिन स्तर 5.8 ग्राम प्रति डेसीलीटर दर्ज किया गया। गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने तत्काल उपचार एवं पोषण पुनर्वास शुरू किया।

चिकित्सकीय उपचार के साथ मां को दिया प्रशिक्षण-
डॉ. पूजा गहलोत एवं पोषण प्रशिक्षक सोनल ठाकुर की देखरेख में घनश्याम का उपचार किया गया। एनआरसी में चिकित्सकीय निगरानी के साथ निर्धारित पौष्टिक आहार दिया गया। साथ ही उसकी माता को घर पर पौष्टिक भोजन तैयार करने, स्वच्छता, स्तनपान एवं पूरक आहार तथा नियमित फॉलोअप के महत्व की जानकारी दी गई, ताकि डिस्चार्ज के बाद भी बच्चे के स्वास्थ्य में सुधार जारी रहे।

शासकीय योजना के अंतर्गत भर्ती अवधि का 1,800 रुपए का उपचार एवं पोषण संबंधी व्यय पूरी तरह निःशुल्क रहा और इसका वहन शासन द्वारा किया गया।

15 दिन में दिखा सुधार

एनआरसी में 15 दिनों के नियमित उपचार के बाद घनश्याम को डिस्चार्ज किया गया। डिस्चार्ज के समय उसका वजन बढ़कर 5.180 किलोग्राम हो गया था। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग द्वारा नियमित फॉलोअप के माध्यम से उसके स्वास्थ्य की निगरानी की गई।

फॉलोअप के दौरान लगातार सुधार दर्ज किया गया-

पहला फॉलोअप: वजन 5.380 किलोग्राम, लंबाई 67 सेमी, MUAC 10 सेमी।
दूसरा फॉलोअप: वजन 5.570 किलोग्राम, लंबाई 67.5 सेमी, MUAC 10.2 सेमी।
तीसरा फॉलोअप: वजन 5.730 किलोग्राम, लंबाई 68 सेमी, MUAC 10.5 सेमी।
माता-पिता ने जताया आभार

घनश्याम के स्वास्थ्य में हुए सुधार से उसके माता-पिता बेहद खुश हैं। खेती-मजदूरी का कार्य करने वाले माता-पिता ने बालक के स्वस्थ होने पर एनआरसी के चिकित्सकों, स्टाफ एवं जिला अस्पताल प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।

यह प्रकरण दर्शाता है कि समय पर कुपोषण की पहचान, एनआरसी में गुणवत्तापूर्ण उपचार, उचित पोषण, मातृ परामर्श और नियमित फॉलोअप के माध्यम से गंभीर कुपोषण एवं एनीमिया से पीड़ित बच्चों के स्वास्थ्य में प्रभावी सुधार संभव है। जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा गंभीर कुपोषण मुक्त उज्जैन के लक्ष्य को लेकर ऐसे मामलों की निरंतर निगरानी और सामुदायिक जागरूकता पर कार्य किया जा रहा है।

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