नीमच। गणेशोत्सव के अवसर पर जिला जेल नीमच परिसर में श्रद्धा एवं भक्ति का माहौल देखने को मिला। विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश की प्रतिमा का ढोल-नगाड़ों और जयकारों के बीच भव्य स्वागत किया गया। जेल के मुख्य द्वार से नवीन जेल परिसर तक गणेश प्रतिमा की शोभायात्रा निकाली गई।
शोभायात्रा के दौरान श्रद्धालुओं द्वारा पुष्प एवं गुलाल की वर्षा की गई। रिमझिम बारिश के बीच निकली शोभायात्रा ने माहौल को और भी भक्तिमय बना दिया। नवीन जेल परिसर पहुंचने के बाद विद्वान पंडित द्वारा विधि-विधान एवं श्रद्धा के साथ भगवान श्री गणेश की प्रतिमा की स्थापना कराई गई। इसके बाद गणेश वंदना एवं महाआरती का आयोजन हुआ।
इस अवसर पर जेल में निरुद्ध बंदियों ने सामूहिक रूप से ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयकारे लगाए। पूरे परिसर में धार्मिक एवं सकारात्मक वातावरण बना रहा।
गणेशजी के जीवन दर्शन से बंदियों को कराया परिचित-
कार्यक्रम के दौरान बंदियों को भगवान श्री गणेश के स्वरूप एवं जीवन दर्शन के विभिन्न प्रतीकों की जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि गणेशजी का बड़ा मस्तक विवेक एवं गहन चिंतन, बड़े कान अच्छे श्रोता बनने तथा विशाल उदर सहनशीलता एवं उदारता का प्रतीक माना जाता है।
बंदियों को भगवान श्री गणेश के जीवन दर्शन से प्रेरणा लेकर अपने भीतर की नकारात्मकता एवं विकारों को दूर करने तथा सकारात्मक सोच के साथ नई शुरुआत करने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान जेल चिकित्सक डॉ. अजीत सिंह, फार्मासिस्ट कन्हैयालाल सहित जेल के अधिकारी, सुरक्षा बल एवं समस्त जेल स्टाफ उपस्थित रहा। सुरक्षा एवं अनुशासन के दृष्टिगत आवश्यक व्यवस्थाओं के बीच कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
कारागार प्रशासन के अनुसार धार्मिक एवं आध्यात्मिक गतिविधियों के माध्यम से बंदियों में सकारात्मक सोच, नैतिक मूल्यों एवं आत्मचिंतन की भावना विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है।